गरियाबंद जिले के राजिम स्थित प्रेमरतन मैरिज पैलेस-रिसोर्ट में हरिभूमि-आईएनएच द्वारा आयोजित ‘जिला संवाद’ कार्यक्रम में राजनीति, विकास और स्थानीय समस्याओं पर जमकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में हरिभूमि-आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल, कांग्रेस नेता नरेंद्र साहू और भाजपा नेता चंदूलाल साहू से तीखे सवाल पूछे। इस दौरान नेताओं ने राज्य की राजनीति, सरकार के कामकाज और गरियाबंद जिले के विकास से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
लोकसभा में काम करने का नया अनुभव: बृजमोहन अग्रवाल
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल से लोकसभा में उनके अनुभव को लेकर सवाल किया। इस पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पहले वे “तालाब में तैरते थे, अब समुद्र में तैर रहे हैं।” उनका कहना था कि देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में काम करने का अवसर मिलना उनके लिए नया अनुभव है और वे वहां से छत्तीसगढ़ के हितों के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आराम करने की आदत नहीं है और जहां भी जिम्मेदारी मिलती है वहां पूरी ऊर्जा के साथ काम करना ही उनकी प्राथमिकता रहती है।
भूपेश सरकार और साय सरकार पर तुलना
राज्य की पिछली और वर्तमान सरकार की तुलना के सवाल पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार अपने लोगों के लिए काम करती थी, जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार जनता के हित में काम कर रही है। हालांकि कांग्रेस नेता नरेंद्र साहू ने इस पर अलग राय रखते हुए कहा कि हर सरकार में कुछ अच्छी और कुछ कमजोरियां होती हैं। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले हुए, जिन्हें प्रदेश की जनता स्वीकार करती है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार को अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है, इसलिए उसके काम का अंतिम आकलन बाद में ही किया जा सकेगा।
चुनाव मैनेजमेंट पर गरमाई बहस
चुनाव परिणामों को लेकर भी मंच पर तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस नेता नरेंद्र साहू ने कहा कि कई बार चुनाव परिणाम सिर्फ विकास या कामकाज से तय नहीं होते, बल्कि चुनाव प्रबंधन भी बड़ा कारक होता है। उन्होंने कहा कि कई बार विपक्ष चुनाव प्रबंधन में पीछे रह जाता है, जिसके कारण चुनाव परिणाम प्रभावित होते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यदि जीत-हार पांच हजार वोट के भीतर हो तो उसे प्रबंधन कहा जा सकता है, लेकिन बड़ी जीत जनता के समर्थन से ही मिलती है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है और इसी कारण भाजपा विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनावों में सफल हुई।
गरियाबंद के विकास मुद्दों पर भी उठे सवाल
कार्यक्रम में स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेता नरेंद्र साहू ने कहा कि गरियाबंद जिले में सिंचाई, सड़क और रेलवे जैसी बुनियादी सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि पैरी नदी का पानी बड़े पैमाने पर बहकर चला जाता है, जबकि इसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में रेलवे लाइन की पुरानी योजनाओं पर भी आगे काम नहीं हो पाया, जिससे जिले के विकास की गति प्रभावित हुई है।
चंदूलाल साहू ने गिनाए विकास कार्य
इस पर भाजपा नेता चंदूलाल साहू ने कहा कि गरियाबंद जिले में पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने बताया कि जब वे पहली बार विधायक बने थे तब यह क्षेत्र ग्राम पंचायत स्तर का था, लेकिन बाद में इसे नगर पंचायत और फिर जिला बनाया गया। उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क और शिक्षा के क्षेत्र में कई काम हुए हैं। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में लाखों गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं।
राजिम कुंभ और पर्यटन पर चर्चा
राजिम कुंभ को लेकर भी मंच पर चर्चा हुई। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य कुंभ 12 साल में एक बार होते हैं, लेकिन राजिम में हर साल कुंभ आयोजित किया जाता है, जिससे प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से संत-महात्माओं का आना बढ़ा और छत्तीसगढ़ के लोगों को बड़े धार्मिक आयोजनों का अनुभव अपने ही प्रदेश में मिलने लगा।
कांग्रेस के भविष्य पर भी बयान
राजनीतिक चर्चा के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देशभर में कांग्रेस कमजोर होती जा रही है और विपक्ष मजबूत दिखाई नहीं देता। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में किसी व्यक्ति के भविष्य का आकलन करना कठिन होता है, क्योंकि अंततः जनता और राजनीतिक दल ही तय करते हैं कि किसे आगे बढ़ाना है।
गरियाबंद के विकास पर जोर
कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने गरियाबंद जिले के विकास की संभावनाओं पर जोर दिया। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह जिला अभी भी विकास के कई क्षेत्रों में पीछे है और यहां के जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देवभोग और मैनपुर जैसे क्षेत्रों में अभी भी लोगों को कई सुविधाओं के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है, इसलिए यहां बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।