मुकेश प्रजापति, भेरूंदा : मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान चार दिन की नवजात बालिका की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने विरोध स्वरूप सड़क पर ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि INH 24×7 इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।
बच्ची की बिगड़ी तबीयत
जानकारी के मुताबिक, यह मामला भेरूंदा निवासी संतोष जाट और उनकी पत्नी ममता जाट से जुड़ा है। प्रसव पीड़ा के बाद गंभीर हालत में ममता जाट को भेरूंदा सिविल अस्पताल से सीहोर जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जिला अस्पताल में उन्होंने एक नवजात बच्ची को जन्म दिया। जन्म के कुछ समय बाद ही बच्ची की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान बच्ची की मौत
इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई। इस खबर से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और जिला अस्पताल के बाहर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
सड़क पर किया नवजात का अंतिम संस्कार
बताया जा रहा है कि प्रशासन और पुलिस की समझाइश के बाद परिजन शव को लेकर भेरूंदा के लिए रवाना हुए, लेकिन आक्रोश में डूबे परिवार ने रास्ते में ही सड़क पर मृत नवजात का अंतिम संस्कार कर दिया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद पीड़ादायक और स्तब्ध कर देने वाला था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच और तथ्यों की पड़ताल की बात कही जा रही है।