रायपुर: छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने चुनावी मैदान में संगठन को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर गतिविधियों को गति देने के लिए नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।
कांग्रेस की ओर से 4 नगर निगम, 5 नगर पालिका और 6 नगर पंचायतों के लिए पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। पार्टी ने सभी नियुक्त पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में तत्काल पहुंचकर चुनावी तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं।
चुनावी तैयारियों की निगरानी करेंगे पर्यवेक्षक
कांग्रेस ने पर्यवेक्षकों को संगठन की जमीनी स्थिति की समीक्षा करने, स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाने तथा चुनावी तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी दी है।
पार्टी का फोकस निकाय स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के साथ कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर है। नियुक्त किए गए पर्यवेक्षकों को अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बीरगांव नगर निगम की जिम्मेदारी डॉ. शिवकुमार डहरिया को
बीरगांव नगर निगम के लिए कांग्रेस ने पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया को पर्यवेक्षक बनाया है। उनके साथ मोतीलाल देवांगन और लेखराम साहू को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन पदाधिकारियों को स्थानीय संगठन के साथ समन्वय करते हुए चुनावी तैयारियों को मजबूत करने का काम करना होगा।
भिलाई नगर निगम की कमान धनेन्द्र साहू को
भिलाई नगर निगम में कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वहीं दीपक दुबे को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
भिलाई जैसे महत्वपूर्ण नगर निगम में संगठन की चुनावी तैयारियों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय को मजबूत करना इस टीम की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।
रिसाली की जिम्मेदारी मोहन मरकाम को
रिसाली नगर निगम के लिए कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को पर्यवेक्षक बनाया है। पार्टी ने उन्हें स्थानीय संगठन और चुनावी तैयारियों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है।
भिलाई-चरौदा में विकास उपाध्याय संभालेंगे मोर्चा
भिलाई-चरौदा नगर निगम की जिम्मेदारी पूर्व विधायक विकास उपाध्याय को दी गई है। उनके साथ कन्हैया अग्रवाल को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है।
वहीं राजेन्द्र साहू को भी सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी की ओर से इन सभी नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर चुनावी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
निकाय चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करने की कोशिश
कांग्रेस की इन नियुक्तियों को आगामी नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पर्यवेक्षकों के जरिए पार्टी स्थानीय स्तर पर संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और चुनावी रणनीति की समीक्षा करेगी।
नगर निगमों के साथ नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में भी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से साफ है कि कांग्रेस निकाय चुनाव से पहले बूथ और वार्ड स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की तैयारी में जुटी है।