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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर देश में छठे स्थान पर; दुर्ग-भिलाई और कोरबा भी आगे  

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर देश में छठे स्थान पर; दुर्ग-भिलाई और कोरबा भी आगे  

रायपुर: छत्तीसगढ़ में वायु प्रदूषण कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का असर अब राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में भी दिखाई देने लगा है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में राजधानी रायपुर ने पिछले साल के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करते हुए 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में छठा स्थान हासिल किया है। रायपुर को इस बार 189 अंक मिले हैं, जबकि पिछले वर्ष वह 184 अंकों के साथ 11वें स्थान पर था।

यानी एक साल के भीतर रायपुर ने अपने स्कोर में 5 अंकों का सुधार किया और राष्ट्रीय रैंकिंग में पांच पायदान की छलांग लगाई। पर्यावरण मंत्रालय की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर सर्वेक्षण के नतीजे जारी किए गए।

130 शहरों में 108 की हवा में सुधार

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के आंकड़ों के मुताबिक देश के 130 शहरों में से 108 शहरों में वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में सकारात्मक बदलाव दर्ज किया गया है।

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025-26 के आंकड़ों की तुलना 2017-18 के आधार वर्ष से की गई। इस दौरान 72 शहरों में PM10 के स्तर में 20 फीसदी से ज्यादा कमी दर्ज की गई, जबकि 26 शहर ऐसे रहे जहां PM10 का स्तर 40 फीसदी से अधिक घटा।

हालांकि, इन सुधारों के बावजूद सिर्फ 14 शहर ही राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों को हासिल कर पाए।

रायपुर की रैंकिंग में लगातार सुधार

राजधानी रायपुर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में इसकी रैंकिंग में लगातार बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2023 में रायपुर 16वें स्थान पर था। इसके बाद 2024 में उसने आठवीं रैंक हासिल की और 2025 में 11वें स्थान पर रहा।

अब 2026 के सर्वेक्षण में रायपुर ने 6वीं रैंक हासिल कर अपनी स्थिति में बड़ा सुधार किया है। शहर को कुल 189 अंक मिले हैं।

रायपुर की रैंकिंग में सुधार को शहर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है।

बड़े शहरों में लखनऊ नंबर-1

10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे स्थान पर रहे। लखनऊ के PM10 स्तर में भी आधार वर्ष 2017-18 की तुलना में 2025-26 के दौरान 46.64 फीसदी की कमी दर्ज की गई। यह प्रदर्शन बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।

मध्यम आबादी वाले शहरों में राउरकेला आगे

मध्यम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में राउरकेला ने पहला स्थान हासिल किया। फिरोजाबाद दूसरे और अमरावती तीसरे स्थान पर रहे। फिरोजाबाद में PM10 के औसत स्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। 2017-18 में यहां PM10 का औसत स्तर 247 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जो 2025-26 में घटकर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रह गया। इस तरह यहां करीब 59.5 फीसदी सुधार दर्ज हुआ। शहर में मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, सड़कों को पक्का करने और बड़े पैमाने पर पौधरोपण जैसे उपाय किए गए।

दुर्ग-भिलाई 17वें और कोरबा 10वें स्थान पर

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के दूसरे प्रमुख शहरों ने भी अपनी जगह बनाई है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में दुर्ग-भिलाई को 175.3 अंक मिले और वह 17वें स्थान पर रहा। वहीं 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में कोरबा ने 186.5 अंकों के साथ 10वीं रैंक हासिल की। इस तरह स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 की राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख शहरों—रायपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा—ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

रायपुर के वार्डों को भी मिली जगह

शहर स्तर की रैंकिंग के अलावा वार्ड स्तर पर भी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों ने बेहतर प्रदर्शन किया। 30 हजार से ज्यादा आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में रायपुर के वार्ड 46 RMC को राज्य स्तर पर स्थान मिला। वहीं 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में रायपुर के वार्ड 30 RMC का चयन हुआ। 10 हजार से कम आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में भिलाई के वार्ड 5 कोसा नगर ने जगह बनाई।

छोटे शहरों में कचरा प्रबंधन और पौधरोपण पर जोर

तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में कलिंगानगर, अंगुल और तालचेर क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। कलिंगानगर में PM10 के स्तर में 15.59 फीसदी सुधार दर्ज किया गया। यहां कचरा प्रबंधन को मजबूत करने, ई-वाहनों के जरिए कचरा उठाने और पौधरोपण जैसे कदमों पर जोर दिया गया। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों में भी स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयास अहम भूमिका निभा रहे हैं।


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