होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

रायपुर फैमिली सुसाइड केस: गुत्थी सुलझाने 8 सदस्यीय SIT गठित, हर एंगल से होगी जांच

रायपुर फैमिली सुसाइड केस: गुत्थी सुलझाने 8 सदस्यीय SIT गठित, हर एंगल से होगी जांच

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर में सामने आए एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। बैटरी रिपेयरिंग का कारोबार करने वाले सैय्यद शाहिद उर्फ सज्जू, उनकी पत्नी और तीन बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पोस्टमार्टम के बाद सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को फिलहाल खारिज नहीं किया गया है।

8 सदस्यीय SIT करेगी पूरे मामले की जांच

रायपुर पुलिस ने घटना की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया है। टीम का नेतृत्व पुरानी बस्ती के एसीपी को सौंपा गया है। जांच दल में एक थाना प्रभारी, एक महिला सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई, एक हेड कांस्टेबल और तीन आरक्षक शामिल हैं। एसआईटी वित्तीय स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियों, मोबाइल रिकॉर्ड, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कर्ज का मामला

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार मृतक पर करीब 20 लाख रुपये का कर्ज होने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि कुछ रकम बैंक से और कुछ निजी लोगों से उधार ली गई थी। हालांकि पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना से महज चार दिन पहले मृतक ने घर के लिए लगभग एक महीने का राशन खरीदा था। ऐसे में अचानक पूरे परिवार द्वारा यह कदम उठाने की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।

पड़ोसियों ने बताया शांत स्वभाव का व्यक्ति

स्थानीय लोगों के अनुसार सैय्यद शाहिद कम बोलने वाले लेकिन बेहद शालीन स्वभाव के व्यक्ति थे। वह अपने भाइयों से अलग रहते थे और पारिवारिक मामलों पर ज्यादा चर्चा नहीं करते थे। यही वजह है कि उनके भाइयों को भी आर्थिक परेशानियों की पूरी जानकारी नहीं थी।

परिजनों को नहीं थी आर्थिक संकट की जानकारी

मृतका राबिया के भाई अकबर ने बताया कि उनकी बहन कुछ महीने पहले उर्स में शामिल होने मायके आई थी। इसके बाद भी दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन उसने कभी आर्थिक तंगी या किसी बड़ी परेशानी का जिक्र नहीं किया। घटना की सूचना मिलने के बाद पूरा मायका परिवार रायपुर पहुंच गया।

बैटरी रिपेयरिंग का करते थे कारोबार

जानकारी के मुताबिक सैय्यद शाहिद मौदहापारा इलाके में बैटरी रिपेयरिंग का काम करते थे। उनके परिचितों का कहना है कि कई वर्ष पहले वह एक बैटरी कंपनी में नौकरी करते थे और उस समय उनकी आर्थिक स्थिति काफी बेहतर थी। बाद के वर्षों में परिस्थितियां कैसे बदलीं, इसकी जांच भी पुलिस कर रही है।

मिठाई में जहर मिलाने की आशंका, फोरेंसिक जांच जारी

घटनास्थल से पुलिस ने खाने-पीने की सभी वस्तुएं जब्त कर फोरेंसिक लैब भेज दी हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि परिवार ने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया हो, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड की जांच

जांच एजेंसियों ने मृतकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। पुलिस पिछले 15 दिनों के कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, डिजिटल गतिविधियों और संपर्कों की जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि सैय्यद शाहिद हर महीने समय पर किराया देते थे, जिससे आर्थिक संकट की स्थिति का अंदाजा लगाना उनके लिए भी मुश्किल था।

पुलिस के सामने कई अनसुलझे सवाल

इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, यदि परिवार गंभीर आर्थिक संकट में था तो इसकी जानकारी किसी परिजन या पड़ोसी को क्यों नहीं हुई? घटना से कुछ दिन पहले राशन खरीदने के बाद अचानक ऐसा क्या हुआ कि पूरा परिवार मौत के मुंह में चला गया? इन सभी सवालों के जवाब अब एसआईटी और फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो कृपया तुरंत अपने परिजनों, किसी भरोसेमंद व्यक्ति या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। समय पर सहायता लेना जीवन बचा सकता है।


संबंधित समाचार