शिवपुरी : शिवपुरी जिले के ऐतिहासिक नरवर किले से करीब 400 वर्ष पुरानी अष्टधातु की दुर्लभ तोप चोरी होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, 15-16 जुलाई की मध्यरात्रि करीब 12 से 13 हथियारबंद बदमाश किले में घुसे और ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड को धमकाकर ऐतिहासिक तोप अपने साथ ले गए।
5 जुलाई को पहली बार की थी चोरी की कोशिश
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने इससे पहले 5 जुलाई को भी तोप चोरी का प्रयास किया था, लेकिन उस समय वे सफल नहीं हो सके थे। इस बार पूरी योजना के साथ आए बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।
आरोपियों की तलाश तेज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया तथा जांच शुरू कर दी। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2 से 5 करोड़ रुपये मूल्य
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक चोरी हुई अष्टधातु की यह ऐतिहासिक तोप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2 से 5 करोड़ रुपये मूल्य की बताई जा रही है। घटना के बाद किले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
एंटीक तस्कर गिरोह के जोड़ा मामला
16वीं सदी की यह ऐतिहासिक तोप सिर्फ लोहे के टुकड़े नहीं हैं। ये पीतल, तांबा, कांसा और अष्टधातु के मिश्रण से बनी हैं। इन पर फारसी और देवनागरी में राजचिह्न उकेरे हुए हैं। आधिकारिक तौर पर इनका कोई मोल नहीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय काला बाजार में इसकी कीमत करोड़ों में है। ऐसे में पुलिस इस पूरे मामले को एंटीक तस्कर गिरोह के जोड़कर देख रही है।