Datia Janmashtami दतिया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर दतिया के प्रसिद्ध बड़े गोविंद मंदिर में दो दिवसीय जन्माष्टमी समारोह की शुरुआत हो गई है। सुबह मंगला आरती के साथ उत्सव का शुभारंभ हुआ। इसके बाद भगवान बड़े गोविंद का दूध और दही से विधि-विधान के साथ विशेष अभिषेक किया गया।
दूध और दही से किया गया विशेष अभिषेक
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया। मंदिर में आज रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान विशेष पूजा, आरती और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
गोविंद के दतिया आगमन का इतिहास 324 साल पुराना
बड़े गोविंद मंदिर में भगवान के विराजमान होने का इतिहास करीब 324 वर्ष पुराना बताया जाता है। मान्यता के अनुसार वर्ष 1702 में गोस्वामी किशनलाल ठाकुरजी को आगरा से दतिया लाया गया था। तत्कालीन राजा दलपत राव के आग्रह पर भगवान बड़े गोविंद दतिया में विराजमान हुए। जन्माष्टमी को लेकर मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।
भक्तों की मनोकामना होती है पूरी
बता दें कि दतिया का यह प्रसिद्ध मंदिर बरसों पुराना है। आसपास क्षेत्र में ऐसा प्रसिद्ध मंदिर नहीं है। बताया जाता है कि जो भी भक्त आते हैं, उनकी मनोकामना जरुर पूरी होती है। ऐसा बताया जाता है कि गोविंद मंदिर के ठाकुर जी के आने से यह क्षेत्र गोविंदगंज के नाम से पहचाने जाने लगा, जहां पर गोविंद मंदिर स्थापित है।