उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन में आज इस्कान, सांदीपनि आश्रम व गोपाल मंदिर में एक साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। जिसको लेकर तैयारियां जहां भव्य तरीके से की गई है। तो वही जयपुर से मंगाए गए आकर्षक फूलों से भगवान श्रीकृष्ण का फूल बंगला तैयार किया गया है। जो की श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए वाटरप्रूफ डोम
इतना ही नहीं शुक्रवार सुबह से ही सांदीपनि आश्रम में भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। बीती रात से हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर परिसर में वाटरप्रूफ डोम भी तैयार किया गया है, जिससे बारिश के दौरान भी भक्तों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
विशेष नीले रंग के वस्त्र किए गए तैयार
जन्माष्टमी के लिए सांदीपनि आश्रम के पुजारी परिवार द्वारा भगवान कृष्ण, बलराम, सुदामा, गुरु सांदीपनि और गुरु माता के लिए विशेष नीले रंग के मखमली वस्त्र तैयार किये गए हैं। वहीं पालने में विराजने वाले लड्डू गोपाल के लिए सफेद और गुलाबी रंग के खास परिधान बनाए गए हैं।
रात 10.30 बजे होगा महाभिषेक
बता दें कि श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए जहां सुबह से भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। तो वही रात 10.30 बजे महाभिषेक और रात 12 बजे महाआरती होगी। दर्शन के लिए बैरिकेडिंग में लाइन की व्यवस्था रहेगी। स्क्रीन के माध्यम से भी श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे। जन्माष्टमी पर मंदिर में दिनभर फरियाली प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
श्रीकृष्ण ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा प्राप्त की
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित गुरु सांदीपनि आश्रम में शिक्षा प्राप्त की थी। मान्यता है कि श्रीकृष्ण ने यहां महज 64 दिनों में 64 कलाओं और 14 विद्याओं का ज्ञान अर्जित किया था। श्रीकृष्ण के साथ उनके बड़े भाई बलराम और मित्र सुदामा ने भी इसी आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी। यही कारण है कि जन्माष्टमी के अवसर पर सांदीपनि आश्रम में होने वाले धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व माना जाता है।