होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

Silver Price Crash: 48 घंटे में चांदी 4 लाख से फिसलकर 2.95 लाख पर, निवेशक और सराफा बाजार परेशान...

Silver Price Crash: 48 घंटे में चांदी 4 लाख से फिसलकर 2.95 लाख पर, निवेशक और सराफा बाजार परेशान...

रायपुर। नए साल की शुरुआत के साथ ही चांदी के दामों में जो असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, उसने निवेशकों और सराफा कारोबारियों दोनों की नींद उड़ा दी है। बीते 48 घंटों में चांदी के भाव 4 लाख रुपये के पार जाने के बाद फिसलकर 2 लाख 95 हजार रुपये तक आ गए। एमसीएक्स (MCX) में देर रात तक चल रही भारी उठा-पटक ने बाजार को पूरी तरह अस्थिर कर दिया है। कारोबारियों का कहना है कि पहले कभी आधी रात को इतनी बड़ी गिरावट या तेजी देखने को नहीं मिलती थी।

रात 12 बजे आया बड़ा झटका:

शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे चांदी के दामों में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई। भाव 3 लाख 39 हजार से सीधे 2 लाख 55 हजार रुपये पर पहुंच गए। हालांकि यह स्तर ज्यादा देर तक नहीं टिका और कुछ ही समय में कीमतें फिर 3 लाख के ऊपर लौट आईं। शनिवार सुबह चांदी 3 लाख 5 हजार रुपये के आसपास रही, लेकिन शाम तक गिरकर जीएसटी सहित 2 लाख 95 हजार रुपये पर आ गई।

48 घंटे में 1.18 लाख रुपये की गिरावट:

गुरुवार को बाजार बंद होते समय चांदी के भाव 4 लाख 13 हजार 700 रुपये थे। शुक्रवार शाम तक इसमें करीब 71,700 रुपये की गिरावट आई। इसके बाद भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा और कुल मिलाकर 48 घंटों में चांदी के दाम करीब 1 लाख 18 हजार रुपये टूट गए। सराफा कारोबारी हरख मालू के अनुसार, “इतने कम समय में चांदी के दामों में ऐसा उतार-चढ़ाव पहले कभी नहीं देखा गया।”

निवेशक असमंजस में:

चांदी में अचानक 80 से 90 हजार रुपये तक की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। जो लोग केवल मुनाफे के लिए निवेश कर रहे थे, वे अब बड़े जोखिम को लेकर सतर्क हो गए हैं। बाजार की इस अस्थिरता के कारण नए निवेश पर ब्रेक लग गया है।

सराफा कारोबार चौपट:

चांदी की कीमतों में भारी अस्थिरता का सीधा असर सराफा बाजार पर पड़ा है। थोक कारोबारी लक्ष्मी नारायण लाहोटी बताते हैं कि अब चांदी के जेवर वही लोग खरीद रहे हैं, जिन्हें शादी-विवाह के लिए मजबूरी है। यहां तक कि पायल जैसी वस्तुओं की भी बिक्री घटकर 10 से 20 ग्राम तक सिमट गई है। आम ग्राहकों ने चांदी की खरीदारी से दूरी बना ली है। चांदी के दामों में जारी यह असाधारण उतार-चढ़ाव न केवल निवेशकों बल्कि पूरे सराफा उद्योग के लिए चिंता का विषय बन गया है। जब तक बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक चांदी में निवेश और कारोबार दोनों जोखिम भरे बने रहेंगे।


संबंधित समाचार