कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिला स्थित अंतागढ़ विकासखंड के कलगांव में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली और बड़ा हादसा हो गया। मनरेगा कार्य में जुटे ग्रामीणों पर आकाशीय बिजली गिरने से उपसरपंच समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। घायलों को तत्काल अंतागढ़ उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया है।
पेड़ के नीचे खड़े ग्रामीणों पर गिरी बिजली
जानकारी के अनुसार, कलगांव में 60 से अधिक ग्रामीण मनरेगा कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हुआ और तेज बारिश के साथ आंधी शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए कुछ ग्रामीण पास के एक पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में कई ग्रामीण आ गए। हादसे में उपसरपंच समेत तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं पांच अन्य लोग घायल हो गए।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा मृतकों और घायलों के परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
बालोद में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, 150 फीट ऊंचा BSNL टावर गिरा
वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भी शुक्रवार सुबह मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाया। तेज आंधी और तूफान के कारण कई गांवों में भारी नुकसान हुआ। भेड़िया नवागांव, बोड़की और आसपास के क्षेत्रों में सुबह करीब 5 बजे आई तेज हवाओं ने पेड़, बिजली लाइन और कई घरों को नुकसान पहुंचाया।
BSNL टावर गिरने से संचार सेवा प्रभावित होने की आशंका
भेड़िया नवागांव में करीब 150 फीट ऊंचा BSNL टावर तेज हवाओं के कारण गिर गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। टावर गिरने के बाद क्षेत्र में मोबाइल और संचार सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
सड़कों पर गिरे पेड़, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
आंधी के कारण कई बड़े पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गए। भेड़िया नवागांव और बोड़की के बीच मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। ग्रामीणों ने खुद आगे बढ़कर पेड़ों को हटाया और रास्ता फिर से चालू कराया।
कई घरों को नुकसान, बिजली व्यवस्था प्रभावित
तेज हवाओं के कारण कई ग्रामीणों के मकानों के छप्पर और टीन शेड उड़ गए। कई जगह बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। प्रशासन अब प्रभावित इलाकों का सर्वे कर नुकसान का आकलन करने की तैयारी कर रहा है।कांकेर और बालोद में अचानक बदले मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांकेर में आकाशीय बिजली से जहां तीन लोगों की मौत हुई, वहीं बालोद में तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।