MP Congress: NEET परीक्षा में सामने आई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल दौरे के दौरान राजधानी में जमकर सियासी ड्रामा हुआ। भोपाल पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को सांत्वना देते हुए कहा कि वे नीट परीक्षा की शुचिता को लेकर पूरी तरह भरोसा रखें।
लेकिन, केंद्रीय मंत्री के इस बयान के तुरंत बाद मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उन पर हमला बोला है।वही दूसरी ओर, कांग्रेस छात्र संगठन एनएसयूआई ने केंद्रीय मंत्री को काले झंडे दिखाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया।
समाधान नहीं, जवाब चाहिए : उमंग सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए अपने आधिकारिक बयान में कई आरोप लगाते हुए कहा है कि शिक्षा मंत्री जी, देश के करोड़ों होनहार युवा आप पर और आपकी परीक्षा प्रणाली पर भरोसा ही तो करते थे। उसी विश्वास के साथ देश के कई छात्रों ने दिन-रात एक करके पढ़ाई की, सपने देखे और अपने भविष्य को संवारने की कोशिश की। लेकिन लगातार हो रहे पेपर लीक ने देश के युवाओं के उस भरोसे को तार-तार कर दिया है।
आकांक्षा की मौत पर घेरा
सिंघार ने मध्य प्रदेश के ही रीवा संभाग की आकांक्षा की मौत पर कहा कि मऊगंज की एक बेटी आकांक्षा ने नीट पेपर लीक और इस भ्रष्ट व्यवस्था पर से विश्वास टूटने के कारण अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह केवल एक आम आत्महत्या नहीं है, बल्कि यह आपकी सरकार की विफलता का जीता-जागता प्रमाण है।
नमक छिड़कना बंद करें
नेता प्रतिपक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान को नसीहत देते हुए कहा कि भोपाल के एसी कमरों में बैठकर खोखले बयान देने से पहले आपको मऊगंज जाकर मृतका आकांक्षा के माता-पिता की आंखों में झांकना चाहिए था, जिन्होंने अपनी बेटी के साथ अपने जीवन भर के सपने खो दिए। जब भाजपा सरकार देश में सुरक्षित परीक्षाएं तक आयोजित नहीं करा सकती, तो युवाओं से केवल भरोसा रखने की अपील करना उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। सिर्फ दोबारा परीक्षा करा देने से देश का युवा शांत नहीं बैठेगा, उन्हें जवाब चाहिए और दोषियों पर फांसी जैसी कार्रवाई चाहिए।
एनएसयूआई अध्यक्ष अरेस्ट
वही केंद्रीय मंत्री के भोपाल दौरे का विरोध करने के लिए एनएसयूआई जब सड़कों पर उतरा और नीट परीक्षा के विरोध में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के काफिले को काले झंडे दिखाने और उनका घेराव करने की रणनीति बनाई तो इनपुट मिलते ही टीटी नगर थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गई। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया।
ये नेता भेजे गए जेल
पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे और प्रवक्ता अभिनव बरोलिया को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही कांग्रेस नेता मुजाहिद सिद्दीकी सहित दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पुलिस वैन में भरकर टीटी नगर थाने ले जाया गया, जिसके बाद पीसीसी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।