रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर कथित करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया है। एजेंसी के अनुसार, दिल्ली के कारोबारी से कथित रूप से 15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोपी कृष्ण कुमार श्रीवास्तव से पूछताछ में पता चला है कि ठगी की अधिकांश राशि शेल कंपनियों के जरिए विदेशों में ट्रांसफर की गई।
ED रिमांड के दौरान सामने आए नए तथ्य
ED ने आरोपी को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर विशेष अदालत से पूछताछ के लिए रिमांड हासिल की है। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि कारोबारी को पूरी रकम वापस नहीं की गई। जांच के अनुसार, लगभग 3.40 करोड़ रुपये लौटाए गए, जबकि 11.60 करोड़ रुपये अब भी वापस नहीं किए गए हैं।
विदेशों तक पहुंचा मनी ट्रेल
जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित ठगी से प्राप्त धनराशि को सीधे रखने के बजाय कई शेल कंपनियों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से अलग-अलग स्तर पर ट्रांसफर किया गया। प्रारंभिक जांच में दुबई (UAE), हांगकांग, चीन और सिंगापुर तक मनी ट्रेल मिलने का दावा किया गया है।
ED का आरोप है कि इन लेन-देन को वैध व्यावसायिक भुगतान दिखाने के लिए मालभाड़ा और कंटेनर लीजिंग जैसे दस्तावेजों का सहारा लिया गया।
फर्जी दस्तावेजों से दिलाया गया भरोसा
जांच के अनुसार, वर्ष 2023 में आरोपी ने दिल्ली की कंपनी रावत एसोसिएट्स के संचालक को यह भरोसा दिलाया कि रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना में 500 करोड़ रुपये का उप-ठेका दिलाया जा सकता है। इसके लिए कथित तौर पर 15 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के रूप में जमा कराने को कहा गया।
एजेंसी का दावा है कि इस दौरान परियोजना से जुड़े कथित फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों की जानकारी भेजकर पूरे सौदे को वास्तविक दिखाने की कोशिश की गई।
जांच में अन्य मामलों के भी मिले संकेत
ED ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कई दस्तावेज, हस्तलिखित रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए गए हैं। जांच में ऐसे संकेत भी मिले हैं कि आरोपी ने कथित तौर पर इसी तरह की कार्यप्रणाली अपनाकर एक अन्य कारोबारी को भी निशाना बनाया था।
जांच अभी जारी
प्रवर्तन निदेशालय मामले के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, शेल कंपनियों और विदेशों में भेजी गई रकम की विस्तृत जांच कर रहा है। एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।