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Sugar Price Hike: एक महीने में 10 रुपये तक बढ़ी शक्कर की कीमत, जमाखोरी और एथेनॉल को बताया कारण

Sugar Price Hike: एक महीने में 10 रुपये तक बढ़ी शक्कर की कीमत, जमाखोरी और एथेनॉल को बताया कारण

रायपुर। Sugar price hike 2026: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले आम लोगों की जेब पर महंगाई का एक और बड़ा असर देखने को मिल रहा है। इस बार मिठास भी महंगी हो गई है। प्रदेश में पहली बार शक्कर की कीमत थोक बाजार में 49-50 रुपये प्रति किलो और खुदरा बाजार में 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। पिछले एक महीने में ही शक्कर के दाम करीब 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, जिससे मिठाई कारोबार से लेकर आम उपभोक्ताओं तक सभी की चिंता बढ़ गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों से पहले मांग बढ़ने के साथ-साथ कृत्रिम कमी और जमाखोरी की आशंका ने भी कीमतों को ऊपर पहुंचा दिया है। इसी बीच केंद्र सरकार ने भी शक्कर की संभावित जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए 1 अगस्त से कारोबारियों के लिए 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा निर्धारित की है।

एक महीने में 10 रुपये तक बढ़ी कीमत

करीब एक माह पहले तक थोक बाजार में शक्कर 38 से 40 रुपये प्रति किलो और खुदरा बाजार में 42 से 44 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। अब यही कीमत बढ़कर थोक में 50 रुपये और खुदरा में 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कीमतों में अचानक आई इस तेजी का सीधा असर घरेलू बजट और मिठाई उद्योग दोनों पर पड़ रहा है।

जमाखोरी की आशंका से बढ़ी चिंता

व्यापार जगत से जुड़े जानकारों का कहना है कि त्योहारों से पहले कई कारोबारी अतिरिक्त स्टॉक जमा कर लेते हैं, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बन जाता है। मांग बढ़ने के समय इसी स्टॉक को ऊंचे दामों पर बेचने की रणनीति अपनाई जाती है। हालांकि बाजार में शक्कर की उपलब्धता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन आपूर्ति और वितरण की स्थिति कीमतों को प्रभावित कर रही है।

एथेनॉल उत्पादन बना बड़ी वजह

कारोबारियों के अनुसार गन्ने का बड़ा हिस्सा अब एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे चीनी मिलों को पहले की तुलना में कम गन्ना मिल रहा है। दूसरी ओर सरकार द्वारा गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने से उत्पादन लागत भी बढ़ गई है। खुले बाजार में कई स्थानों पर गन्ने की कीमत 400 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक पहुंच चुकी है, जिसका सीधा असर शक्कर की लागत और बिक्री मूल्य पर दिखाई दे रहा है।

पहली बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमत

डूमरतराई थोक बाजार के व्यापारियों के अनुसार प्रदेश में पहली बार शक्कर के दाम 50 रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंचे हैं। छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से शक्कर की आपूर्ति होती है। यदि आने वाले दिनों में मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन नहीं बना, तो कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

त्योहारी सीजन पर असर पड़ सकता है

रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों के दौरान शक्कर की मांग तेजी से बढ़ती है। ऐसे में कीमतों में आई इस बढ़ोतरी का असर मिठाई कारोबार, बेकरी उद्योग और आम उपभोक्ताओं के खर्च पर साफ दिखाई दे सकता है।


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