भोपाल : नीट पेपर लीक होने के चलते मऊगंज जिले की रहने वाली छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने 20 मई को नागपुर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी । छात्रा की मौत को लेकर परिवार में जहां मातम पसरा हुआ है। तो वही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने छात्रा की मौत पर दुःख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। साथ ही पीड़ित परिवार को 3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी दी। इतना ही नहीं राहुल गाँधी ने साफ़ तौर पर आकांशा की मौत का जिम्मेदार मोदी सरकार को ठहराया।
पिता ने बेटी के सपने को साकार करने लिया कर्ज
इतना ही नहीं राहुल गांधी ने आज पीड़ित परिवार से फ़ोन पर बात भी की। राहुल ने कहा कि छात्रा की कोई गलती नहीं थी। बेचारी वो तो डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती थी। राहुल ने आगे कहा कि मैंने आज आपकी बेटी की चिट्ठी पढ़ी तो मुझे बहुत दुख हुआ। पिता ने बेटी के सपने को साकार करने के लिए कर्ज लिया। लेकिन पेपर लीक हुई और परीक्षा रद्द कर दी गई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़ कर चली गई।
आकांक्षा की मौत - मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था
आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं – मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है। और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं। फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जाँच। न सुधार, न न्याय। राहुल गाँधी ने सरकार पर तंज कस्ते हुए कहा कि मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती – आती-जाती रहती है। लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।
छात्रा ने चिट्टी में लिखी ये बात
छात्रा ने चिट्टी में लिखा कि पहले पेपर में अच्छे मार्क्स आने की उम्मीद थी, लेकिन अब दोबारा अच्छा पेपर होगा, इसकी गारंटी नहीं है। सॉरी मम्मी-पापा, मैंने सब बर्बाद कर दिया। परिजन बेटी की मौत के लिए नीट परीक्षा व्यवस्था से जुड़े तनाव और अनिश्चितता को जिम्मेदार मान रहे हैं.