केशकाल: नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की मुश्किलों को देखते हुए केशकाल के कटारिया परिवार ने राहत और मदद के लिए मानवीय पहल शुरू की है। परिवार की ओर से आपदा प्रभावित लोगों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने के लिए सहायता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही समाज के अन्य लोगों से भी इस अभियान से जुड़कर जरूरतमंद परिवारों की मदद करने की अपील की गई है।
जरूरतमंदों के लिए जुटाई जा रही राहत सामग्री
कटारिया परिवार के मुताबिक आपदा के बाद प्रभावित लोगों को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के साथ गर्म कपड़ों और बिस्तर जैसी सामग्री की भी जरूरत है। इसी उद्देश्य से लोगों से अपने घरों में मौजूद ऐसे साफ-सुथरे और उपयोग योग्य सामान देने का आग्रह किया गया है, जिन्हें जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जा सके। परिवार का कहना है कि मुश्किल वक्त में छोटी-सी मदद भी किसी प्रभावित व्यक्ति के लिए बड़ी राहत बन सकती है।
स्वेटर, जैकेट और कंबल समेत ये सामान दे सकते हैं
राहत अभियान के तहत लोग स्वेटर, जैकेट, शॉल, मोजे, दस्ताने और बच्चों के कपड़े उपलब्ध करा सकते हैं। इसके अलावा पुरुषों और महिलाओं के दैनिक उपयोग के कपड़े भी सहयोग के तौर पर दिए जा सकते हैं। बिस्तर से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए कंबल, रजाई, चादर, बेडशीट और तौलिया जैसी सामग्री भी एकत्र की जा रही है। जरूरत के मुताबिक अन्य उपयोगी घरेलू सामान भी राहत सामग्री के रूप में दिया जा सकता है।
पुराने नहीं, साफ और इस्तेमाल योग्य कपड़े देने की अपील
कटारिया परिवार ने सहयोग करने वाले लोगों से विशेष आग्रह किया है कि राहत सामग्री साफ-सुथरी और ऐसी स्थिति में हो, जिसे प्रभावित लोग आसानी से इस्तेमाल कर सकें। परिवार ने कहा है कि फटे, गंदे या बेहद खराब हालत वाले कपड़े देने से बचें। राहत का उद्देश्य जरूरतमंदों तक उपयोगी सामग्री सम्मानजनक तरीके से पहुंचाना है।
‘मदद की कीमत उसकी भावना से तय होती है’
परिवार की ओर से लोगों से अपील करते हुए कहा गया कि आपदा के समय किसी की सहायता करने के लिए बड़ी रकम होना जरूरी नहीं है। जरूरतमंद व्यक्ति को दिया गया एक गर्म कपड़ा, कंबल या रोजमर्रा का उपयोगी सामान भी उसके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इसी सोच के साथ समाज के सक्षम लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार इस राहत अभियान में योगदान देने की अपील की गई है।
कटारिया परिवार के कई सदस्य अभियान से जुड़े
इस पहल में महेन्द्र कटारिया, मंजू कटारिया, राजा कटारिया, प्रवेश कटारिया, अहम कटारिया, हेमू कटारिया, अदिति कटारिया और आरूही कटारिया समेत पूरा कटारिया परिवार सहभागी है। परिवार का प्रयास है कि अभियान के जरिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए, जिससे नेपाल आपदा से प्रभावित परिवारों तक पर्याप्त राहत सामग्री पहुंचाई जा सके।
4 सितंबर की शाम तक दे सकेंगे सहयोग
कटारिया परिवार के अनुसार राहत सामग्री 4 सितंबर 2026 की शाम तक उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके जरिए अधिक से अधिक लोगों से सहयोग लेकर जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार ने लोगों से इस पहल की जानकारी अन्य लोगों तक भी पहुंचाने की अपील की है, ताकि राहत अभियान से ज्यादा लोग जुड़ सकें।
‘दया ही धर्म है, जरूरतमंद की मदद सबसे बड़ी पूजा’
कटारिया परिवार ने अपने संदेश में कहा कि दया ही धर्म है और जरूरतमंद की मदद सबसे बड़ी पूजा है। परिवार का कहना है कि इस मुश्किल समय में समाज की सामूहिक संवेदना ही प्रभावित लोगों के लिए उम्मीद का सहारा बन सकती है। राहत अभियान के जरिए परिवार का उद्देश्य केवल सामग्री जुटाना नहीं, बल्कि आपदा प्रभावित लोगों तक यह संदेश पहुंचाना भी है कि संकट की घड़ी में समाज उनके साथ खड़ा है।