मुकेश प्रजापति, भैरूंदा: मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत नगर में 19 अप्रैल को भव्य सामूहिक विवाह एवं निकाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। दशहरा मैदान स्थित शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में होने वाले इस आयोजन में अधिकतम 200 जोड़े एक साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे। जनपद पंचायत भैरूंदा द्वारा आयोजित इस सम्मेलन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं, वहीं जरूरतमंद परिवारों में इसे लेकर उत्साह भी नजर आ रहा है।
योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया 2 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, जो 6 अप्रैल तक चलेगी। बीच में 5 अप्रैल को अवकाश रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 200 आवेदन पूर्ण होते ही पंजीयन बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में पात्र हितग्राहियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की गई है। योजना में वधू की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर की 21 वर्ष होना अनिवार्य है, साथ ही परिवार का गरीबी रेखा के नीचे होना भी जरूरी है।
हालांकि, आवेदन प्रक्रिया के पहले ही दिन व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। सीहोर जिले के आष्टा, इछावर, सीहोर और भैरूंदा क्षेत्र से बड़ी संख्या में पहुंचे आवेदकों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। जनपद पंचायत परिसर में सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन बैठने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। केवल एक टेंट लगाकर औपचारिकता निभाई गई, जबकि दरी या कुर्सियों की व्यवस्था नहीं होने से लोग खुले में जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
तेज गर्मी के बीच पेयजल व्यवस्था भी नाकाफी साबित हुई। परिसर में सीमित पानी के केन रखे गए थे, जिन्हें नलकूप के पानी से भरा गया था। ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं होने से आवेदक परेशान होते दिखे। हालात ऐसे बने कि कई लोग मोटर की पाइप से ही पानी पीकर प्यास बुझाते नजर आए। आवेदकों का कहना था कि यदि मटके या प्याऊ की समुचित व्यवस्था होती तो काफी राहत मिल सकती थी।
इधर, आवेदन की संख्या 200 तय होने के बावजूद पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से लंबी कतारें लग गईं। सुबह से ही कार्यालय के बाहर भीड़ उमड़ी रही। बुजुर्ग और महिलाएं घंटों इंतजार के बाद थककर जमीन पर बैठ गईं, जबकि कई लोग तेज धूप में खड़े रहे। इस अव्यवस्था ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आवेदकों ने प्रशासन से मांग की है कि आगामी दिनों में आवेदन प्रक्रिया के दौरान बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। विशेष रूप से छाया, बैठने और ठंडे पेयजल की व्यवस्था की आवश्यकता जताई गई है। वहीं, जनपद पंचायत भैरूंदा के सीईओ संजय अग्रवाल ने दावा किया कि पहले ही दिन 200 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 21 आवेदन निकाह योजना के अंतर्गत शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आवेदकों के लिए पानी और बैठने की व्यवस्था सुचारू रूप से की गई थी।
जरूरी दस्तावेजों की लंबी सूची
योजना में आवेदन के लिए परिवार समग्र आईडी, वर-वधू की समग्र आईडी, कन्या का बैंक खाता, आयु प्रमाण-पत्र, निवास एवं जाति प्रमाण-पत्र, आधार नंबर, अविवाहित होने का शपथ-पत्र, राशन कार्ड की प्रति, पासपोर्ट साइज फोटो सहित अन्य दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं। इसके अलावा ई-केवाईसी कराना भी जरूरी है।
बता दें कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। सामूहिक विवाह सम्मेलन के माध्यम से एक साथ सैकड़ों परिवारों में खुशियां आएंगी और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, पहले ही दिन सामने आई अव्यवस्थाओं ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।