नगरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी-सिहावा क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से दहशत फैलाने वाले तेंदुए को ग्रामीणों ने आखिरकार पकड़ लिया। सीतानदी अभयारण्य के आसपास स्थित गांवों में लगातार हो रहे हमलों के कारण लोग भयभीत थे। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इस दौरान कई लोगों के घायल होने और एक ग्रामीण की मौत की खबर सामने आई है।
तीन दिनों तक गांवों में बना रहा डर का माहौल
सीतानदी अभयारण्य क्षेत्र के आसपास के गांवों में पिछले तीन दिनों से तेंदुए की गतिविधियों और हमलों को लेकर चिंता बनी हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तेंदुए के हमलों में अब तक करीब 20 लोग घायल हुए हैं। ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर परेशान थे और क्षेत्र में भय का माहौल था।लगातार सामने आ रही हमले की घटनाओं के चलते लोगों को सतर्क रहने की जरूरत पड़ रही थी। तेंदुए की मौजूदगी से गांवों में सामान्य जनजीवन भी प्रभावित होने की आशंका थी।
आमानारा गांव में पांच लोगों पर हमले की जानकारी
शुक्रवार सुबह आमानारा गांव में तेंदुए के हमले की एक और घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, इस हमले में पांच लोग घायल हुए। इसी बीच गांव के 42 वर्षीय प्रभुराम की मौत की खबर भी सामने आई है। इसके अलावा बहीगांव में एक बुजुर्ग पर तेंदुए के हमले की जानकारी मिली है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश और डर दोनों का माहौल था। हालांकि, प्रभुराम की मौत के कारण और घटनाओं से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित अधिकारियों से किया जाना जरूरी है।
ग्रामीणों ने एकजुट होकर तेंदुए को पकड़ा
लगातार हमलों के बीच आमानारा गांव के ग्रामीणों ने एकजुट होकर तेंदुए को काबू में कर लिया। ग्रामीणों के इस प्रयास के बाद क्षेत्र में बनी दहशत कम होने की उम्मीद जगी है। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को अपने साथ ले गई। वन विभाग की ओर से तेंदुए की वर्तमान स्थिति, स्वास्थ्य और आगे की कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी की पुष्टि किया जाना बाकी है।
तेंदुआ पकड़े जाने से ग्रामीणों को मिली राहत
पिछले तीन दिनों से तेंदुए के हमलों की आशंका के बीच ग्रामीणों में भय का माहौल था। तेंदुए को पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत महसूस की है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सकेगी। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जंगली जानवरों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहना चाहिए। तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब जाने, उसे घेरने या खुद पकड़ने का प्रयास करने के बजाय वन विभाग को सूचना देना अधिक सुरक्षित है।