भोपाल। मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए अगली किस्त को लेकर इंतजार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं को योजना की 40वीं किस्त मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से हर महीने पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 1500 रुपये की सहायता राशि DBT के माध्यम से भेजी जाती है। पिछली यानी 39वीं किस्त का भुगतान 19 अगस्त को किया गया था। इसी भुगतान पैटर्न को देखते हुए 40वीं किस्त 15 सितंबर से पहले जारी होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, जब तक सरकार की ओर से भुगतान की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इसे संभावित समय-सीमा ही माना जाना चाहिए।
40वीं किस्त में कितने रुपये मिलेंगे?
लाड़ली बहना योजना के तहत नियमित रूप से पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर सरकार ने नियमित राशि के अतिरिक्त 250 रुपये की विशेष राशि भी दी थी, जिसके चलते उस समय लाभार्थियों को कुल 1750 रुपये मिले थे। यह अतिरिक्त राशि विशेष अवसर के लिए थी। इसलिए 40वीं किस्त में पात्र महिलाओं को फिलहाल नियमित 1500 रुपये मिलने की उम्मीद है।
बैंक खाते में सीधे आएगी राशि
योजना की सहायता राशि लाभार्थी महिला के अपने बैंक खाते में DBT के जरिए ट्रांसफर की जाती है। इसके लिए बैंक खाता आधार से लिंक और DBT सक्रिय होना जरूरी है। महिला के नाम से स्वयं का बैंक खाता होना आवश्यक है। संयुक्त बैंक खाते को योजना की राशि प्राप्त करने के लिए मान्य नहीं माना जाता।
लाड़ली बहना योजना के लिए कौन पात्र है?
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है। मुख्य पात्रता इस प्रकार है:
महिला मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी हो।
महिला विवाहित हो।
विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी निर्धारित शर्तों के तहत पात्र हो सकती हैं।
आवेदन वाले कैलेंडर वर्ष में 1 जनवरी की स्थिति में उम्र 21 वर्ष या उससे अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
महिला का स्वयं का बैंक खाता होना चाहिए।
बैंक खाता आधार से लिंक और DBT सक्रिय होना जरूरी है।
e-KYC की प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है।
किन महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा?
योजना के नियमों के अनुसार कुछ श्रेणियों को लाभ से बाहर रखा गया है। यदि महिला या उसके परिवार की स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है, तो वह योजना के लिए पात्र नहीं होगी। इसके अलावा परिवार में आयकरदाता होने पर भी पात्रता प्रभावित होती है। केंद्र या राज्य सरकार के नियमित, स्थायी या संविदा कर्मचारी तथा पेंशन प्राप्त करने वाले परिवारों के लिए भी निर्धारित नियम लागू होते हैं। यदि महिला को किसी दूसरी सरकारी योजना के माध्यम से हर महीने 1250 रुपये या उससे अधिक की राशि मिल रही है, तो ऐसी स्थिति में भी लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं मिलने का प्रावधान है। परिवार की राजनीतिक या स्थानीय निकाय से जुड़ी स्थिति और संपत्ति से संबंधित कुछ शर्तें भी पात्रता को प्रभावित करती हैं। उदाहरण के तौर पर परिवार में वर्तमान या पूर्व सांसद/विधायक, कुछ बोर्ड-निगम के पदाधिकारी अथवा स्थानीय निकाय के निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने की स्थिति में योजना के नियम लागू होते हैं। इसी तरह 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि या ट्रैक्टर को छोड़कर चार पहिया वाहन होने पर भी योजना की पात्रता समाप्त हो सकती है।
40वीं किस्त के लिए अपना नाम कैसे चेक करें?
लाभार्थी महिला लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी पात्रता और नाम की स्थिति देख सकती है। इसके लिए वेबसाइट पर उपलब्ध ‘अंतिम सूची’ के विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है। नाम चेक करने के लिए सामान्य तौर पर पंजीकृत मोबाइल नंबर और OTP की जरूरत पड़ सकती है। इसके बाद संबंधित जिला, तहसील, ग्राम पंचायत या वार्ड का चयन करके सूची में अपना नाम देखा जा सकता है।
इन दस्तावेजों और e-KYC का रखें ध्यान
योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को अपने जरूरी रिकॉर्ड अपडेट रखने चाहिए। इनमें प्रमुख रूप से समग्र परिवार ID/सदस्य ID, आधार कार्ड, समग्र पोर्टल में दर्ज मोबाइल नंबर, आधार लिंक बैंक खाता, सक्रिय DBT, पूर्ण e-KYC, शामिल हैं। e-KYC की प्रक्रिया राशन दुकान, MP Online केंद्र या CSC कियोस्क के माध्यम से पूरी कराई जा सकती है।
40वीं किस्त को लेकर क्या है अपडेट?
फिलहाल 40वीं किस्त की आधिकारिक भुगतान तारीख की पुष्टि का इंतजार है। पिछले भुगतान के आधार पर 15 सितंबर से पहले राशि आने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन लाभार्थियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए। पात्र महिलाओं को सलाह है कि वे अपना बैंक खाता, आधार लिंकिंग, DBT और e-KYC की स्थिति पहले से जांच लें, ताकि किस्त जारी होने पर राशि प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी न हो।