Jhabua Mandi: मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के मेघनगर से मानवता को शर्मसार करने वाली और अन्नदाता के शोषण की एक जघन्य वारदात सामने आई है। यहां मंडी सदस्यता की धौंस दिखाने वाले एक रसूखदार अनाज व्यापारी ने अपनी मनमानी की सारी हदें पार कर दीं।
व्यापारी ने एक गरीब आदिवासी किसान को न केवल आर्थिक रूप से चूना लगाया, बल्कि हक मांगने पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उसे सरेबाजार अपमानित किया। इस पूरी बदसलूकी का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आदिवासी सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने का घेराव किया गया है।
'जबरन वसूली' का खेल
पीड़ित आदिवासी किसान अपनी खून-पसीने की कमाई, यानी 13 क्विंटल 13 किलो मक्का लेकर मेघनगर बाजार में बेचने आया था। दुकान पर रसूखदार व्यापारी ने मक्के का भाव 2050 रुपये प्रति क्विंटल तय किया, जिसके बाद किसान ने पूरा अनाज दुकान के अंदर खाली कर दिया। असली विवाद अनाज की तौल पूरी होने के बाद शुरू हुआ। व्यापारी की नीयत खराब हो गई और उसने साफ कह दिया कि वह केवल 13 क्विंटल का ही भुगतान करेगा, ऊपर के 13 किलो अनाज का एक भी रुपया नहीं देगा।
जब किसान ने अपनी मजबूरी में 13 किलो अतिरिक्त अनाज वापस उठा लिया, तो बौखलाए व्यापारी ने विवाद का बदला लेने के लिए तयशुदा भाव को जबरन घटाकर सीधे 2000 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया और किसान को कम पैसे लेने पर मजबूर करने लगा।
न दुकान का नाम, न GST
किसान का आरोप है कि व्यापारी टैक्स चोरी और अवैध रूप से कृषि उपज की खरीदी-बिक्री के खेल में लिप्त है। व्यापारी ने किसान को जो पर्ची थमाई, वह पूरी तरह अवैध थी। उस सादे कागज के टुकड़े पर न तो दुकान का नाम दर्ज था, न कोई जीएसटी नंबर था और न ही खुद व्यापारी के हस्ताक्षर थे। जब पीड़ित किसान ने इस फर्जीवाड़े और कम दाम देने का विरोध किया, तो व्यापारी ने अपना आपा खो दिया। उसने अपने गुर्गों के साथ मिलकर किसान को जातिसूचक गालियां दीं, उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर दुकान से खदेड़ दिया।
SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
बाजार में खुलेआम हुई इस हैवानियत को वहां मौजूद कुछ राहगीरों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। वीडियो जैसे ही इंटरनेट और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, झाबुआ के आदिवासी सामाजिक संगठनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। शनिवार को भारी संख्या में आदिवासी कार्यकर्ता और ग्रामीण मेघनगर थाने पहुंचे।
उन्होंने पुलिस प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपकर आरोपी अनाज व्यापारी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट, मारपीट और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर उसकी दुकान को सील करने की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कड़क कानूनी एक्शन नहीं लिया गया, तो पूरे झाबुआ जिले में उग्र चक्काजाम और आंदोलन किया जाएगा।