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GST अधीक्षकों ने खोला मोर्चा: लंबित मांगों को लेकर देशभर में आंदोलन का ऐलान; दिसंबर में होगा प्रदर्शन

GST अधीक्षकों ने खोला मोर्चा: लंबित मांगों को लेकर देशभर में आंदोलन का ऐलान; दिसंबर में होगा प्रदर्शन

केंद्रीय GST और केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग के अधीक्षकों ने अपनी लंबित सेवा-संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ सुपरिंटेंडेंट्स ऑफ सेंट्रल टैक्स (AIASCT) ने केंद्र सरकार और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) का ध्यान आकर्षित करने के लिए चरणबद्ध विरोध कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। एसोसिएशन का कहना है कि लंबे समय से पदोन्नति, कैडर पुनर्गठन और बेहतर करियर प्रगति से जुड़े मुद्दे लंबित हैं, लेकिन अब तक इनका समाधान नहीं हो पाया है।

नवंबर से शुरू होगा विरोध, दिसंबर में देशभर में प्रदर्शन

AIASCT के सेक्रेटरी जनरल रवीश चंद्र के मुताबिक, अधिकारियों की मांगों को लेकर उचित माध्यम से व्यक्तिगत अभ्यावेदन जमा करने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग चरण तय किए गए हैं।

एसोसिएशन के कार्यक्रम के अनुसार, 1 नवंबर से सोशल मीडिया के जरिए लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके बाद 23 से 27 नवंबर तक अधीक्षक विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। वहीं, 9 दिसंबर को देशभर के मुख्यालयों में भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन और गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी।

मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और होगा तेज

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि अधिकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और उनके समाधान के लिए समयबद्ध कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

इसके अगले चरण में Work-to-Rule, असहयोग आंदोलन, सरकारी कामकाज के लिए निजी मोबाइल फोन का इस्तेमाल बंद करने, आधिकारिक WhatsApp समूहों से बाहर निकलने और धरना देने जैसे कदम शामिल हैं।

30 साल की सेवा के बाद भी एक ही पदोन्नति का आरोप

AIASCT का कहना है कि केंद्रीय GST और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के अधीक्षक संवर्ग में लंबे समय से पदोन्नति के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हैं। संगठन के मुताबिक, कई अधिकारी करीब तीन दशक की सेवा पूरी करने के बाद भी केवल एक पदोन्नति के साथ सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

एसोसिएशन का मानना है कि इस स्थिति से अधिकारियों की करियर प्रगति प्रभावित हो रही है। इसलिए पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने और सेवा संबंधी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने की जरूरत है।

2014 के बाद की वरिष्ठता सूची जारी करने की मांग

एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में वर्ष 2014 के बाद की अखिल भारतीय वरिष्ठता सूचियों (AISLs) को जल्द अंतिम रूप देकर जारी करना शामिल है। इसके अलावा सहायक आयुक्त के पद पर पदोन्नति के लिए लंबित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया पूरी करने की मांग भी उठाई गई है।

AIASCT के अनुसार, पात्र अधिकारी लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। बार-बार अभ्यावेदन दिए जाने के बावजूद इस प्रक्रिया में देरी के कारण अधिकारियों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है।

एक दशक से ज्यादा समय से कैडर पुनर्गठन लंबित

पदोन्नति के अलावा एसोसिएशन ने व्यापक कैडर पुनर्गठन की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि पिछला कैडर पुनर्गठन वर्ष 2014 में हुआ था और इसकी समीक्षा हर पांच साल में की जानी अपेक्षित थी। लेकिन एक दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी नया पुनर्गठन नहीं किया गया है।

AIASCT के मुताबिक, कैडर में ठहराव दूर करने, पदोन्नति के अवसर बढ़ाने और अलग-अलग कैडरों के बीच मौजूद असमानता को कम करने के लिए पुनर्गठन जरूरी है।

भोपाल की बैठक में आंदोलन का फैसला

AIASCT की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (CEC) की बैठक 12 और 13 सितंबर को भोपाल में आयोजित हुई थी। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिनिधियों ने पदोन्नति, सेवा शर्तों, करियर प्रगति और अधिकारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। अब एसोसिएशन की नजर CBIC और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर है।


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