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Delhi Pollution: दिल्ली में जहरीली हवा का कहर, कई इलाकों में AQI 396 के पार, स्मॉग की मोटी चादर से बढ़ी परेशानी

Delhi Pollution: दिल्ली में जहरीली हवा का कहर, कई इलाकों में AQI 396 के पार, स्मॉग की मोटी चादर से बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली। Delhi Air Pollution: सर्दियों की शुरुआत के साथ ही देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। दिल्ली-NCR के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता तेजी से खराब हो रही है। हालात ऐसे हैं कि दिवाली और त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही राजधानी के कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है। सोमवार सुबह अक्षरधाम, यमुना खादर और आईटीओ समेत कई इलाकों में घना स्मॉग देखने को मिला। हवा की रफ्तार कम होने और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषित कण वातावरण में ही जमा हो रहे हैं। इसका सीधा असर दिल्ली की हवा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर प्रदूषण का स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक स्थिति में पहुंच गया है।

दिल्ली के कई इलाकों में AQI 300 के पार

राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सुबह के आंकड़ों के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में स्थिति गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गई है।

प्रमुख इलाकों का AQI इस प्रकार दर्ज किया गया:

रोहिणी: 396 AQI

अलीपुर: 375 AQI

विवेक विहार: 370 AQI

अक्षरधाम मंदिर: 349 AQI

आईटीओ: 349 AQI

इंडिया गेट और जनपथ: 335 AQI

प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि CPCB के 57 निगरानी केंद्रों में से 23 से अधिक केंद्रों पर AQI 300 के ऊपर दर्ज किया गया।

तापमान गिरने से बढ़ा स्मॉग का असर, दृश्यता भी प्रभावित

मौसम में बदलाव और न्यूनतम तापमान में गिरावट के चलते दिल्ली की हवा में प्रदूषण का प्रभाव और गहरा होता जा रहा है। सुबह के समय वातावरण में धुंध और स्मॉग की मोटी परत दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग में दृश्यता घटकर करीब 1600 मीटर और पालम में 1500 मीटर तक रह गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की गति कम होने के कारण PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषक कण वातावरण से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। यही वजह है कि सुबह और शाम के समय प्रदूषण का असर अधिक महसूस किया जा रहा है।

प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन की सख्ती

दिल्ली में बिगड़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकारी एजेंसियों ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। सड़कों पर चलने वाले वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) की जांच की जा रही है। इसके साथ ही ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, रविवार और सोमवार के दौरान 14 हजार से ज्यादा वाहनों की जांच की गई। इस दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले 500 से अधिक वाहनों के चालान काटे गए। इसके अलावा धूल नियंत्रण के नियमों की अनदेखी करने वाली 300 से ज्यादा निर्माण साइटों का निरीक्षण किया गया। संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए बढ़ा खतरा, डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का खतरा भी बढ़ गया है। डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा, सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में मौजूद सूक्ष्म प्रदूषक कणों के संपर्क में आने से आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह और देर शाम खुले में भारी व्यायाम करने से बचने, जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलने और बाहर जाते समय अच्छी फिटिंग वाला मास्क पहनने की सलाह दी है।

दिल्ली-NCR की हवा पर बढ़ी चिंता

त्योहारी सीजन से पहले दिल्ली-NCR में प्रदूषण का बढ़ता स्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अगर हवा की रफ्तार धीमी बनी रहती है और प्रदूषण के स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होता, तो आने वाले दिनों में हालात और मुश्किल हो सकते हैं। फिलहाल राजधानी के लोगों को प्रदूषण से बचाव के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।


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