दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित रैली अब सियासी विवाद का केंद्र बन गई है। रैली में लाखों लोगों के जुटने का दावा किया गया, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि रैली की तस्वीर में भारी भीड़ दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया गया है।
दरअसल, कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रामलीला मैदान में आयोजित रैली की एक तस्वीर साझा की थी। इस तस्वीर को लेकर किरेन रिजिजू ने रविवार (1 नवंबर) को तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को अगर AI से भीड़ दिखाने वाली तस्वीर बनानी ही थी, तो उसे ठीक से तैयार करना चाहिए था। उन्होंने कांग्रेस की कथित फर्जी नैरेटिव टीम पर भी निशाना साधा।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन
बता दें कि इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार को रामलीला मैदान में रैली आयोजित की थी। इस रैली में कांग्रेस सहित गठबंधन के कई प्रमुख दलों के नेता शामिल हुए। कार्यक्रम से पहले सभी नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एकत्रित हुए और फिर खुली बसों में सवार होकर मिंटो ब्रिज पहुंचे। यहां से सभी नेता रामलीला मैदान पहुंचे।
इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी एक ही खुली बस में नजर आए। बस में राहुल गांधी सबसे आगे बैठे दिखाई दिए, जबकि प्रियंका गांधी उनसे पीछे बैठी थीं।
राहुल-प्रियंका के बीच मतभेद का BJP ने किया दावा
रैली के बहाने बीजेपी ने कांग्रेस पर एक और सियासी हमला बोला। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि रैली में प्रियंका गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया। पार्टी ने इसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच कथित मतभेद से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
हालांकि, रैली की तस्वीरों को लेकर AI के इस्तेमाल और गांधी परिवार के बीच मतभेदों को लेकर बीजेपी की ओर से लगाए गए ये आरोप हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल इस पूरे मामले ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है।