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Raipur Sahitya Utsav 2026: पुरखौती मुक्तांगन में छत्तीसगढ़िया कला-संस्कृति की भव्य शुरुआत, बस्तर के लोकनृत्यों ने मोहा मन...

Raipur Sahitya Utsav 2026: पुरखौती मुक्तांगन में छत्तीसगढ़िया कला-संस्कृति की भव्य शुरुआत, बस्तर के लोकनृत्यों ने मोहा मन...

मोनिका दुबे// रायपुर। छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच देने वाला रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आज भव्य आगाज हो गया। राजधानी रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन छत्तीसगढ़िया कला, संस्कृति और लोक परंपराओं के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आ रहा है। उद्घाटन समारोह से पहले ही साहित्य उत्सव स्थल पर उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। बस्तर अंचल से पहुंचे आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल, मांदर और लोकगीतों के साथ नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। लोकनृत्य और जनजातीय गायन ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।

बस्तर की कला ने बिखेरा जादू:

बस्तर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य और लोकगायन साहित्य उत्सव का मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। आदिवासी संस्कृति की झलक, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और रंग-बिरंगी वेशभूषा ने पुरखौती मुक्तांगन को उत्सवधर्मी बना दिया है।

छात्र लेखकों की शानदार मौजूदगी:

साहित्य उत्सव में राजकुमार कॉलेज के विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी भी देखने को मिली। कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों ने विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक और आधुनिक विषयों पर 100 से अधिक किताबें लिखी हैं। इन युवा लेखकों की रचनाएं साहित्य प्रेमियों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

साहित्य और संस्कृति का संगम:

रायपुर साहित्य उत्सव केवल लेखकों और साहित्यकारों का मंच नहीं, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, युवा सोच और रचनात्मकता का संगम बन चुका है। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में साहित्यिक सत्र, संवाद, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पुस्तक विमोचन जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रायपुर में साहित्य का इतिहास रचेगा, पूरे देश भर के 120 से ज्यादा साहित्यकार शामिल होंगे।

120 से ज्यादा साहित्यकार होंगे शामिल:  

इस दौरान कुल 42 सहित सत्रों का आयोजन होगा।  जिसमें समकालीन सामाजिक सांस्कृतिक राजनीतिक विषयों पर गहन विमर्श किया जाएगा। वहीं सीएम साय ने अपने संबोधन में कहा कि तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह उत्सव का समय है लगातार हम लोग अपने प्रदेश में उत्सव मना रहे हैं। इसका श्रेय सीएम ने स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ला को दिया। उन्होंने आगे कहा कि साहित्य प्रेमी विनोद कुमार शुक्ला के नाम से छत्तीसगढ़ को जानते हैं। सरल सहज व्यक्तित्व के धनी विनोद कुमार शुक्ला छत्तीसगढ़ को वैश्विक पटल पर स्थान दिलाई है।
 


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