धमतरी/राजिम। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी की आवक बढ़ने के बाद गंगरेल बांध के छह गेट खोल दिए गए हैं। बांध से फिलहाल करीब 10,400 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड की रफ्तार से महानदी में छोड़ा जा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से राजिम और नवापारा के तटवर्ती इलाकों में पानी का फैलाव देखने को मिल रहा है। इससे पहले शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात गंगरेल बांध से लगभग 53 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा गया था। बाद में बांध में पानी की आवक कम होने पर डिस्चार्ज घटाकर 10,400 क्यूसेक कर दिया गया। वर्तमान में छह गेटों के जरिए पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर
धमतरी जिले के सिहावा-नगरी क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण नदी और नाले उफान पर हैं। कई स्थानों पर जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है। नगरी विकासखंड की लटियारा ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम चर्रा में डुमर नाला भी बारिश के बाद तेज बहाव में आ गया। पुलिया नहीं होने के कारण शनिवार को एक बीमार मरीज को ग्रामीणों ने खाट के सहारे नाला पार कराया। पानी का बहाव अधिक होने से मरीज को अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।
उल्टी-दस्त के बाद बिगड़ी मरीज की हालत
चर्रा निवासी गोपेश कुमार पटेल की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी, लेकिन डुमर नाले में पानी बढ़ने के कारण रास्ता बाधित था। सुबह जलस्तर कुछ कम होने के बाद ग्रामीणों ने मिलकर मरीज को खाट पर लिटाया और नाला पार कराया। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में डुमर नाले में पानी आने से क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो जाता है। लटियारा के सरपंच रुपेश कुमार ध्रुव समेत ग्रामीणों ने प्रशासन से यहां जल्द से जल्द पुलिया निर्माण कराने की मांग की है।
राजिम-नवापारा में महानदी का बढ़ा दायरा
गंगरेल जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर राजिम क्षेत्र में भी तेजी से बढ़ा है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का असर नदी के बहाव पर दिखाई दे रहा है। राजिम पहुंचते-पहुंचते महानदी का पानी नदी के किनारों तक फैल गया है। त्रिवेणी संगम क्षेत्र से लेकर राजिम और नवापारा के नदी तटों तक कई हिस्सों में पानी का फैलाव नजर आ रहा है। नदी पर बने पांचों एनीकट के ऊपर से भी पानी बह रहा है, जिसके चलते आसपास के इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
प्रशासन ने लोगों को किया सतर्क
नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग के इंजीनियर आयुष सिंह के मुताबिक, महानदी का जलस्तर और बढ़ने पर तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। राजिम में बढ़ते जलस्तर का असर नदी किनारे स्थित धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई दे रहा है। पंचेश्वरनाथ महादेव मंदिर के आसपास और महानदी के बीच स्थित कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर क्षेत्र में भी पानी का स्तर बढ़ा हुआ नजर आ रहा है।
क्या है क्यूसेक?
क्यूसेक (Cusec) पानी के बहाव को मापने की एक इकाई है। एक क्यूसेक लगभग 28.317 लीटर प्रति सेकंड पानी के प्रवाह के बराबर होता है। गंगरेल बांध से वर्तमान में 10,400 क्यूसेक पानी छोड़े जाने का मतलब है कि हर सेकंड करीब 2.94 लाख लीटर पानी महानदी में पहुंच रहा है।