होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

एकलव्य स्कूल विवाद: छात्राओं की सुरक्षा पर CM साय सख्त, कलेक्टर-SP को लगाई फटकार

एकलव्य स्कूल विवाद: छात्राओं की सुरक्षा पर CM साय सख्त, कलेक्टर-SP को लगाई फटकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के रूद्रारम स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि विद्यालय के कंप्यूटर शिक्षक देवेंद्र दहिया ने लंबे समय से कुछ छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार किया। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे गंभीरता से लेते हुए बीजापुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, मामले का खुलासा उस समय हुआ जब कुछ छात्राओं ने अपने परिजनों को विद्यालय में कथित तौर पर उनके साथ किए जा रहे अनुचित व्यवहार की जानकारी दी। फिलहाल सात छात्राओं की ओर से शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। शिकायत पत्र में छात्राओं और उनके पालकों के हस्ताक्षर होने की जानकारी भी सामने आई है।

सात छात्राओं ने की शिकायत

रूद्रारम के इस कन्या आवासीय विद्यालय में कक्षा 6वीं से 12वीं तक की करीब 341 छात्राएं अध्ययनरत हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार शिकायत करने वाली छात्राएं कक्षा 9वीं की हैं। छात्राओं के परिजनों ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए विद्यालय प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

विद्यालय प्रबंधन पर मामले को दबाने का आरोप

पालकों की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि छात्राओं ने जब विद्यालय की प्राचार्या को कथित दुर्व्यवहार की जानकारी दी, तब मामले को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को दबाने का प्रयास किया गया और छात्राओं को आश्रम से निकालने तक की बात कही गई। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।

CM साय ने बीजापुर कलेक्टर-SP से मांगी गंभीर कार्रवाई

मामले की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात कर पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर बिना देरी किए विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शिकायत की अनदेखी करने, मामले को दबाने या कर्तव्य में लापरवाही बरतने की बात सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के सभी आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से इन संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से किसी भी स्थिति में समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा असुरक्षित माहौल से जुड़ी किसी भी शिकायत को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

छात्रावास और आवासीय विद्यालय बच्चों के घर जैसे

CM साय ने कहा कि आवासीय विद्यालय और छात्रावास बच्चों के लिए केवल पढ़ाई की जगह नहीं हैं, बल्कि वे उनके लिए घर की तरह होते हैं। अभिभावक अपने बच्चों को भरोसे के साथ इन संस्थानों में भेजते हैं। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण देना शासन, प्रशासन और संस्थान से जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को अपनी बात कहने के लिए किसी प्रकार का डर या संकोच नहीं होना चाहिए। प्रदेशभर में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जहां छात्राएं अपनी शिकायत या समस्या खुलकर सामने रख सकें।

बालिका छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में संचालित बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा है। कलेक्टरों को यह देखने के निर्देश दिए गए हैं कि संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हो रहा है या नहीं। इसके साथ ही छात्रावास अधीक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा विद्यार्थियों की शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

जरूरत पड़ने पर छात्राओं को काउंसलिंग और सहायता

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि बालिकाओं से दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा डराने-धमकाने से जुड़ी कोई शिकायत सामने आने पर संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय से तत्काल कार्रवाई करें। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित छात्राओं को काउंसलिंग और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।

लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश की बेटियां निर्भय होकर पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें, इसके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने दोहराया कि आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
 


संबंधित समाचार