(फ्रांस)। जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत-यूक्रेन संबंधों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए शांति, व्यापार, औद्योगिक सहयोग और संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान भारत के उस रुख को दोहराया, जिसमें किसी भी वैश्विक संघर्ष के समाधान के लिए संवाद, शांति और मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में खड़ा रहा है और भविष्य में भी यही नीति जारी रहेगी।
भारत-यूक्रेन संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने हाल के वर्षों में भारत और यूक्रेन के बीच बढ़ते सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने माना कि विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी की नई संभावनाएं विकसित हुई हैं और इन्हें आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस बात पर भी सहमति जताई कि द्विपक्षीय व्यापार को युद्ध-पूर्व स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे। इसके लिए आर्थिक और व्यावसायिक सहयोग को नई दिशा देने पर भी चर्चा हुई।
संयुक्त परियोजनाओं पर बढ़ेगा सहयोग
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा कि भारत और यूक्रेन कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं रखते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कुछ संयुक्त परियोजनाएं पहले से संचालित हैं और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए काम किया जाएगा। बैठक में चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
औद्योगिक और रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार
दोनों देशों ने औद्योगिक विकास, निवेश और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के लिए साझा प्रयासों पर सहमति व्यक्त की। राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, आवश्यक परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों की विशेषज्ञ और प्रशासनिक टीमें मिलकर कार्य करेंगी। इसके तहत एक साझा कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके और द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिल सके।
भारत का स्पष्ट संदेश: शांति और इंसानियत सर्वोपरि
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत वैश्विक शांति, स्थिरता और मानवता के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी संकट का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से ही संभव है। जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत और यूक्रेन दोनों ही अपने संबंधों को नए आयाम देने और आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।