भोपाल : मध्य प्रदेश में आरटीई के तहत करीब 26 हजार निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। ताकि गरीब वर्ग के बच्चे भी बेहतर से बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सके। इसी कड़ी में इस साल भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत लाखों की संख्या में बच्चों ने निजी स्कूलों में दाखिला लिया। जिसकी फीस जल्द ही मोहन सरकार सिंगल क्लिक के माध्यम से सभी प्राइवेट स्कूलों में डायरेक्ट ट्रांसफर करेगी।
सिंगल क्लिक के माध्यम से सरकार देगी सारा पैसा
इस बात की जानकरी खुद स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने दी। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि आरटीआई के तहत एडमिशन देने वाले प्राइवेट स्कूलों को मुख्यमंत्री मोहन यादव डायरेक्ट राशि का अंतरण करेगी। बता दें, कि हर साल करीब एक लाख बच्चों को आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जाता है। जिसके लिए सरकार प्रत्येक बच्चे के लिए करीब 5 हजार फीस देती है। हालांकि पहले राशि का वितरण लंबे चौड़े तरीके से किया जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश मे पहली बार पेसौं डायरेक्ट ट्रांसफर किए जाएंगे।
पहले ऐसे होती है फीस जमा
बता दें कि पहले आरटीई के तहत बच्चों को शासन की ओर से दी जाने वाली राशि नोडल अधिकारी के भौतिक सत्यापन के बाद दी जाती थी। इसके बाद जिला परियोजना समन्वयक की ओर से निरीक्षण के बाद स्कूल को राशि स्वीकृत किये जाते थे। फिर निजी स्कूलों द्वारा आधिकारिक साइट पर बच्चों का फोटो और दस्तावेज अपलोड किये जाते है। और अंत में बच्चों से ली जाने वाली प्रत्येक कक्षा की फीस की एक-एक रसीद की पीडीएफ फाइल बनाकर पोर्टल पर अपलोड किये जाते है।