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DSP कल्पना वर्मा पर गिरी गाज: प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर सस्पेंड

DSP कल्पना वर्मा पर गिरी गाज: प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर सस्पेंड

रायपुर। बहुचर्चित डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम होटल कारोबारी दीपक टंडन मामले में बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। गुरुवार को जारी आदेश के तहत डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया गया है।

प्राथमिक जांच रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं

शिकायत की प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में वित्तीय लेन-देन, जांच के दौरान दिए गए कथनों और व्हाट्सएप चैट से जुड़े तथ्यों में विरोधाभास पाया गया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्तव्य के दौरान अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने, पद के दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के संकेत मिले हैं।
यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है, जिसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

दीपक टंडन के आरोप

रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन ने आरोप लगाया है कि डीएसपी कल्पना वर्मा ने उन्हें साजिश के तहत फंसाया है। टंडन का दावा है कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच उन्होंने कल्पना वर्मा को करीब 2 करोड़ रुपये नकद, एक हीरे की अंगूठी, एक सोने की चेन और एक कार दी थी, जिसे उन्होंने अपने पास रख लिया।

हालांकि, दोनों पक्षों के बयान पुलिस द्वारा दर्ज कर लिए गए हैं, लेकिन फिलहाल किसी भी पक्ष की शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की गई है।

DSP कल्पना वर्मा ने आरोपों को बताया साजिश

डीएसपी कल्पना वर्मा ने कारोबारी दीपक टंडन द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से रचा गया है।
कल्पना वर्मा ने किसी भी तरह के गलत संबंध या पैसों के लेन-देन से साफ इनकार करते हुए कहा कि वह हर स्तर की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

CCTV फुटेज और चैट पर DSP का जवाब

वायरल CCTV फुटेज और कथित चैट को लेकर डीएसपी कल्पना वर्मा ने स्पष्ट किया कि पैसे वसूलने और कार लेने के आरोप झूठे हैं। उन्होंने दावा किया कि वह दीपक टंडन के होटल में अपने पिता के बकाया 42 लाख रुपये लेने गई थीं।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में जब डीएसपी कल्पना वर्मा की पोस्टिंग महासमुंद में थी, तब उनके एक बैचमेट ने उनकी मुलाकात होटल कारोबारी दीपक टंडन से कराई थी। शुरुआती बातचीत आगे चलकर मुलाकातों में बदली और माना में ट्रांसफर के बाद संबंध और गहरे हो गए।
दोनों परिवार भी एक-दूसरे को जानने लगे थे। टंडन का कहना है कि वह इस रिश्ते को व्यापारिक साझेदारी के रूप में देखते थे, जबकि डीएसपी किसी नए व्यवसाय की शुरुआत को लेकर इच्छुक थीं।

विवाद की जड़

वर्ष 2023 में रायपुर के एक रेस्टोरेंट ‘एटमास्फेरिया’ को लेकर लगभग 45 लाख रुपये की डील की प्रक्रिया शुरू हुई, यहीं से विवाद गहराया। कारोबारी का आरोप है कि आर्थिक तंगी का हवाला देकर डीएसपी ने उनसे 30 लाख रुपये लिए, जिसे उन्होंने ऑनलाइन ट्रांसफर किया था।

धमकी का आरोप

दीपक टंडन का दावा है कि जब उन्होंने पैसे वापसी और व्यापारिक हिसाब-किताब पर सवाल उठाया तो उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। उन्होंने निजी चैट को डिजिटल सबूत के तौर पर शिकायत के साथ सौंपने की बात कही है।

 

 


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