Bhopal Crime Branch: मध्य प्रदेश में नशे के सौदागरों के खिलाफ मोहन सरकार और गृह मंत्रालय के निर्देश पर शुरू हुआ विशेष अभियान रंग लाने लगा है। पिछले महज पांच दिनों के अंदर पुलिस ने पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक की ड्रग्स बरामद की है। इस दौरान पुलिस ने न केवल नशे की खेप पकड़ी, बल्कि तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उनकी संपत्तियों को भी निशाना बनाया है।
रतलाम में सबसे बड़ी कार्रवाई
प्रदेशव्यापी अभियान के तहत रतलाम पुलिस ने एक बड़ी मिसाल पेश की है। यहाँ कुख्यात तस्करों के खिलाफ SAFEMA के तहत सख्त कदम उठाते हुए उनकी 16 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज़ कर दिया गया है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि नशे के कारोबार से कमाई गई संपत्ति अब तस्करों के हाथ से जाएगी।
भोपाल क्राइम ब्रांच का 'सर्जिकल स्ट्राइक'
राजधानी भोपाल में भी पुलिस का सख्त रुख बरकरार है। गोविंदपुरा इलाके में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी घेराबंदी कर 2 लाख रुपये कीमत की एमडी (MD) ड्रग्स के साथ तीन तस्करों को रंगे हाथों दबोचा है। कस्तूरबा अस्पताल के पास ग्राहक का इंतजार कर रहे तीन आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से एक एक्टिवा और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मोबाइल डेटा खंगालने पर शहर के बड़े ड्रग्स नेटवर्क के सुराग मिलने की उम्मीद है। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8/22 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इन जिलों में चला पुलिस का 'हंटर'
1 अप्रैल से शुरू हुए इस विशेष अभियान की जद में प्रदेश के कई बड़े जिले आए हैं। पुलिस ने नीमच, आगर मालवा, शिवपुरी, उज्जैन, इंदौर, मंदसौर, गुना, नर्मदापुरम और खरगोन में प्रभावी छापेमारी की है। इस दौरान 22 अंतरराज्यीय तस्करों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया है, जो पड़ोसी राज्यों से नशे की सप्लाई कर रहे थे।
नशा मुक्त होगा मध्य प्रदेश
गृह मंत्रालय के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) खुद इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस की प्राथमिकता न केवल छोटे सप्लायर्स को पकड़ना है, बल्कि उन 'किंगपिन' तक पहुंचना है जो पर्दे के पीछे से इस काले कारोबार को संचालित कर रहे हैं।