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BHOPAL NEWS : राजधानी में महिला एवं बाल विकास विभाग में विवाद, आयुक्त के व्यवहार के विरोध में अधिकारियों का प्रदर्शन

BHOPAL NEWS : राजधानी में महिला एवं बाल विकास विभाग में विवाद, आयुक्त के व्यवहार के विरोध में अधिकारियों का प्रदर्शन

भोपाल: महिला व बाल विकास संचालनालय में एक बार फिर आयुक्त के अपमानजनक व्यवहार पर सारे अधिकारी अवकाश पर चले गए। अधिकारियों ने संचालनालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और तीखा विरोध दर्ज कराया है। इस घटना को लेकर महिल व बाल विकास विभाग में अधिकारियों में खासी नाराजगी है। सभी अधिकारियों ने आधे दिन का अवकाश ले लिया, इसके बाद प्रदर्शन कर चेतावनी दी। 

अपमानजनक व्यवहार

अधिकारियों ने बताया कि महिला एवं बाल विकास की आयुक्त श्रीमती निधि निवेदिता ने विभाग के वरिष्ठ संयुक्त संचालक के साथ अपमानजनक व्यवहार किया। इससे आहत होकर संचालनालय के कर्मचारियों-अधिकारियों ने पहले नाराजगी जताई और प्रदर्शन खासा विरोध किया। कर्मचारियों अधिकारियों ने विरोध स्वरूप आधे दिन का अवकाश लेकर काम बंद रखा। इससे पूरे संचालनालय का कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया। 

अधिकारी पर बुरी तरह से भड़की

महिला एवं बाल विकास विभाग के राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष ने बताया कि आईएएस श्रीमती निधि निवेदिता सार्वजनिक रूप से अधिकारियों को बेइज्जत करती हैं। सोमवार 17 अगस्त को भी एक बैठक में भी फिर ऐसा ही हुआ। बैठक के दौरान एक विषय पर चर्चा के दौरान आयुक्त वरिष्ठ संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी पर बुरी तरह से भड़क गई और उन्होंने मीटिंग से बाहर कर दिया।

सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया गया

संचालनालय के कई अधिकारियों कर्मचारियों को पूर्व में भी उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया गया है। क्षेत्रिय अधिकारियों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार होता है। विभाग में स्टॉफ की कमी है, इसके बाद भी हर फाइल मिनटों में मांगी जाती है। फज्ञइल तुरंत नहीं मिलने पर छोटी-छोटी बातों पर कर्मचारियों के इंक्रीमेंट रोकने और नोटिस जारी किए जाते हैं। जरा सी गलतियों पर निलंबन किया जाता है। 

विभिन योजना में उत्कृष्ट किया गया प्रदर्शन

जबकि विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों में विभाग के अमले की प्रशंसा की गई है। बताते हैं कि आयुक्त राजगढ़ थप्पड़ कांड के लिए भी जानी जाती हैं। विभाग के कर्मचारी अधिकारियों ने इस मामले को लेकर मुख्य सचिव और सचिव महिला एवं बाल विकास से मिलकर उन्हें अवगत कराने का निर्णय लिया  है। इसके बाद भी यदि उचित निर्णय नहीं लिया गया तो इस संबंध में अगली रणनीति तय की जाएगी।


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