होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

Digvijay Singh : बरैया के सपोर्ट में आए दिग्विजय सिंह, कहा वो उनके विचार नही

Digvijay Singh : बरैया के सपोर्ट में आए दिग्विजय सिंह, कहा वो उनके विचार नही

Digvijay Singh : कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा विधायक के बचाव में दिए गए बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला है और इसे पार्टी की नैतिक स्वीकृति करार दिया है।

दिग्विजय सिंह का बयान 

दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि फूल सिंह बरैया ने जो शब्द कहे, वे उनके निजी विचार नहीं थे, बल्कि उन्होंने पटना विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर द्वारा लिखी गई पुस्तक का हवाला दिया था। दिग्विजय सिंह के अनुसार, यदि उस पुस्तक में आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं, तो कार्रवाई लेखक के खिलाफ होनी चाहिए, न कि बताने वाले व्यक्ति के खिलाफ। दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि फूल सिंह बरैया स्वयं कह चुके हैं कि वे उन विचारों का समर्थन नहीं करते और उनका विरोध करते हैं। दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि अगर किताब में गलत बातें लिखी गई हैं, तो उस पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

भाजपा का पलटवार, कांग्रेस पर आरोप

दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह द्वारा फूल सिंह बरैया का बचाव कांग्रेस के नैतिक दिवालियापन की खुली स्वीकारोक्ति है। यदि बरैया के शब्द उनके निजी विचार नहीं थे, तो ऐसी घृणित और महिला-विरोधी बयान देने की आवश्यकता ही क्या थी?

उन्होंने आगे लिखा है कि क्या किसी पुस्तक का हवाला देकर महिलाओं की गरिमा पर प्रहार जायज़ हो जाता है? क्या सार्वजनिक रूप से दिए गए बयान की जिम्मेदारी वक्ता की नहीं होती? और यदि वे शब्द गलत थे, तो कांग्रेस ने उसी समय सार्वजनिक खंडन क्यों नहीं किया? बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया यह तर्क नहीं, पीड़ित समाज की भावनाओं का अपमान है।

दलित-विरोधी मानसिकता का सार्वजनिक प्रदर्शन

अशीष अग्रवाल ने आगे लिखा है कि सच्चाई साफ़ है, बरैया ने आपत्तिजनक शब्द बोले, राहुल गांधी ने मंच साझा किया, कांग्रेस नेतृत्व मौन रहा और अब सफाइयां दी जा रही हैं। यह कोई “संदर्भ” नहीं, कांग्रेस की महिला-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता का सार्वजनिक प्रदर्शन है। कांग्रेस या तो ऐसे बयानों की जिम्मेदारी ले या देश की मातृशक्ति और SC-ST समाज से बिना शर्त माफी माँग कर अपने दूषित विधायक को निष्कासित करे। अब बहाने नहीं, जवाब चाहिए।


संबंधित समाचार