रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को सूरजपुर प्रवास के दौरान डीएमएफ फंड से स्थापित अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर उनके अनुभव, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था:
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट पूर्णतः शासकीय और निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था है, जहां आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कई विद्यार्थियों ने पीएससी, व्यापम, एसएससी, रेलवे और शिक्षक भर्ती जैसी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
विद्यार्थियों की सफलता पर मुख्यमंत्री ने जताई खुशी:
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता संस्थान की सुदृढ़ शैक्षणिक योजना, समर्पित शिक्षकों और जिला प्रशासन के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने अरुणोदय कोचिंग को जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए इसके सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन की सराहना की।
डीएमएफ फंड से बदल रही शिक्षा की तस्वीर:
मुख्यमंत्री ने डीएमएफ फंड की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह फंड खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास और वहां के युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में डीएमएफ से किए जा रहे कार्य दूरस्थ अंचलों में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं, जिसका सशक्त उदाहरण अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट है।
ट्राइबल यूथ हॉस्टल और नालंदा परिसर की दी जानकारी:
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ट्राइबल यूथ हॉस्टल, दिल्ली की जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी वहां निःशुल्क रहकर उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं। साथ ही रायपुर स्थित नालंदा परिसर की सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अध्ययन की उत्कृष्ट व्यवस्था उपलब्ध है।
प्रदेश में 34 स्थानों पर बनेंगी हाईटेक लाइब्रेरी:
नालंदा परिसर की सफलता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 34 स्थानों पर हाईटेक लाइब्रेरी का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सूरजपुर में भी आधुनिक लाइब्रेरी सुविधा विकसित की जा रही है, जिससे स्थानीय विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
PSC परीक्षा में पारदर्शिता का भरोसा:
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीएससी परीक्षा को यूपीएससी की तर्ज पर पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे भी पीएससी जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं, जो शासन की पारदर्शी नीतियों का परिणाम है।
छात्र की मांग पर तुरंत निर्णय:
संवाद के दौरान छात्र देवेंद्र ने अद्यतन पुस्तकों की आवश्यकता बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने अपने स्वेच्छानुदान से आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए। वहीं छात्रा गीता सिंह के स्वास्थ्य संतुलन से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने नियमित योग, समय पर भोजन और अनुशासित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी।
पंच से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर साझा:
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंच से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक के अपने जीवन अनुभव विद्यार्थियों से साझा किए। उन्होंने कहा कि व्यर्थ की बातों पर ध्यान न दें, स्पष्ट लक्ष्य तय करें और पूरे समर्पण के साथ मेहनत करें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रदेश और देश का भविष्य बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।