महासमुंद: जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन निश्चय” के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी नारकोटिक्स फोर्स और कोमाखान थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 950 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये आंकी गई है।
ट्रक से हो रहा था गांजे का परिवहन
पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजा लोड कर एक आईचर ट्रक के जरिए अन्य राज्यों की ओर तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर थाना कोमाखान क्षेत्र में नाकाबंदी कर संदिग्ध आईचर ट्रक (MH 20EG 3969) को रोका गया। तलाशी लेने पर ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
वाहन, मोबाइल और नकदी भी जब्त
पुलिस ने गांजे के साथ परिवहन में प्रयुक्त आईचर ट्रक, दो मोबाइल फोन और 4050 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत 4 करोड़ 90 लाख 11 हजार 50 रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, ट्रक की कीमत लगभग 15 लाख रुपये है।
NDPS एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत थाना कोमाखान में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस द्वारा फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगालते हुए गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कार्रवाई जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
अक्षय भोरजे – पिता पद्माकर भोरजे, उम्र 26 वर्ष, निवासी अकोला देव, थाना टेमणी, जिला जालना (महाराष्ट्र)।
शुभम आरटे – पिता बालाजी आरटे, उम्र 24 वर्ष, निवासी कुच्चबघवा, जुना जालना, थाना कदीम, जिला जालना (महाराष्ट्र)।
एक माह में जिले में बड़ी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, पिछले एक माह में महासमुंद जिले में नारकोटिक्स एक्ट के तहत 17 मामलों में 1918 किलो 610 ग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 9 करोड़ 51 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा कोडीन सिरप, तस्करी में प्रयुक्त वाहन और दर्जनों आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
बॉर्डर इलाकों में बढ़ाई गई सख्ती
जिले की सीमाओं और अंतर्राज्यीय बॉर्डर पर पुलिस ने निगरानी और सख्त कर दी है। लगातार नाकाबंदी, वाहन जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि गांजा तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।