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50 वर्षों के नक्सल दंश से बस्तर को मिली मुक्ति, अब विकास की बारी: प्रभारी मंत्री केदार कश्यप

50 वर्षों के नक्सल दंश से बस्तर को मिली मुक्ति, अब विकास की बारी: प्रभारी मंत्री केदार कश्यप

सुकमा: 50 वर्ष की नक्सल पीड़ा के दंश से बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे देश को मुक्ति मिली है। सैकड़ों लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, उन्हें हमारी सरकार ने एक तरह से श्रद्धांजलि दी है। सुकमा में हरिभूमि-आईएनएच के जिला संवाद कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने यह बात कही। उन्होंने प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के एक सवाल के जवाब में कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लेना अपने आप में बड़ी बात रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने इस संकल्प को पूरा करने 31 मार्च 2026 की तारीख तय की थी उस समय से ही लोगों में यह विश्वास हो गया था कि यह संकल्प पूरा होगा।

शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त 

रविवार को सुकमा के स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति केंद्र में हरिभूमि-आईएनएच के जिला संवाद में मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ हो रहे इस वार्तालाप के बारे में कहा कि पहली बार मै सुकमा में इतनी रात तक आपके साथ बातचीत कर रहा हूं। रात के समय मेरे ठहरने पर चेतावनी आ जाती थी। लेकिन आज हमारी सरकार ने नक्सलवाद का समूल नाश कर शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने एक-एक कर प्रधान संपादक के सवालों का जवाब दिया।

विधायक प्रभारी मंत्री के रूप में लंबे समय से नाता

सवालः नारायणपुर विधानसभा के विधायक हैं और सुकमा से प्रभारी मंत्री के रूप में लंबे समय से नाता है। नक्सल समस्या से मुक्ति के बाद यहां के विकास को किस रूप में देखते हैं?
जवाब: 50 साल तक नक्सल समस्या के कारण पूरे बस्तर संभाग में विकास थम गया था। विकास की जो बात करता था उसे नक्सली मार डालते थे। सड़क, पुल, पुलिया, स्कूल, अस्पताल, पानी, बिजली की सुविधा अंदरूनी गांवों तक नहीं पहुंच पाती थी। अब नक्सल मुक्त होने से विकास तेजी से होने लगा है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र के गांव में विकास के काम शुरू

सवालः नक्सल पीड़ा का शिकार आपका परिवार भी रहा है। साथ ही काफी लोगों ने जान गंवाई है। इसे किस रूप में देखते हैं ?
जवाब: ऐसे काल खंड में हम हैं, जहां केंद्र और राज्य में हमारी सरकार है और मैं सरकार का एक हिस्सा हूं। नक्सलवाद खत्म होने के साथ ही प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अमित शाह ने बस्तर संभाग को पूरे देश का सर्वाधिक समृद्ध और विकसित आदिवासी क्षेत्र होने का ना केवल ऐलान किया है बल्कि सुनियोजित तरीके से पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र के गांव में विकास के काम शुरू भी हो गए है। जिसका परिणाम जल्द नजर आने लगेगा। मेरे अलावा सैकड़ों परिवार ने इस समस्या के रहते अपने परिजनों को खोया है अब विकास की धारा तेज होगी। 

सवालः प्रभारी मंत्री के रूप में सुकमा को विकास के साथ साथ जितने के लिए क्या कोई योजना है?

जवाबः कई वर्षों से हम सुकमा का विधानसभा चुनाव हारते रहे हैं लेकिन जनता ने लोकसभा, पंचायत और नगरीय निकाय में हमे आशीर्वाद दिया है। अगले चुनाव में कोंटा विधानसभा चुनाव जीतेंगे यह कार्यकर्ताओं ने तय कर लिया है। पहले विषम परिस्थितियां थी, हमारे कार्यकर्ता अंदरूनी क्षेत्र में जा नहीं पाते थे लेकिन अब इस तरह की दिक्कतें नहीं रहेगी।

सवालः केदार कश्यप अगले ढाई साल प्रभारी मंत्री के रूप में क्या कुछ करेंगे?

जवाबः हिडमा के गांव पुवर्ती में हाल ही में स्वास्थ्य शिविर और बाजार शुरू हुआ है। नक्सल आतंक के कारण उन क्षेत्रों में जाना संभव नहीं था। अब वहां सरकार की सभी योजनाएं और मूलभूत सुविधाएं ग्रामीणों तक पहुंचना शुरू हो गया है। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से प्रतिभाओं को तराशने का काम शुरू किया गया। प्रभारी मंत्री के रूप में अंदरूनी गांव के युवाओं और प्रतिभाओं को अवसर दे रहे हैं। दसवीं और बारहवीं में सुकमा जिले का परीक्षाफल 92 और 94 प्रतिशत रहा। शिक्षा और स्वास्थ्य समेत सभी तरह के विकास को तेज करने का काम किया जा रहा है।

सवालः वनमंत्री के रूप में आगे की आपकी क्या योजना है?

जवाबः इमली का यूनिट शुरू हो गया है, तीखुर, महुआ, टोरा, साल सीड्स, मिलेट्स आदि को बढ़ाव देकर कुटीर उद्योग के जरिए ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने कार्य हो रहा है। अंदरूनी क्षेत्रों में वन विभाग का सेटअप बढ़ाने का काम किया जा रहा है ताकि जंगल की सुरक्षा हो और वनोपज का लाभ लोगो को ज्यादातर मिले।

कवासी लखमा को लेकर कांग्रेस पर बड़ा सियासी हमला

सवालः यहां के विधायक कवासी लखमा क्षेत्र से बाहर है अगले चुनाव में इसका फायदा मिलेगा या नुकसान होगा?
जवाबः कवासी लखमा उनके ही पार्टी के लोगों के षड्यंत्र के शिकार हुए। उन्हें बलि का बकरा बनाया गया। कांग्रेस आदिवासी विरोधी है। अब दीपक बैज को भी हटाने के लिए षडयंत्र किया जा रहा है। कवासी लखमा जहां भी रहे भाजपा यहां से जीतेगी।


 


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