होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

सिलयारी दुष्कर्म मामला: समझौते के नाम पर पैसों की वसूली का आरोप, कांग्रेस नेता और पत्रकार गिरफ्तार

सिलयारी दुष्कर्म मामला: समझौते के नाम पर पैसों की वसूली का आरोप, कांग्रेस नेता और पत्रकार गिरफ्तार

धरसींवा: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के धरसींवा थाना क्षेत्र स्थित सिलयारी में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर यह मामला केवल यौन अपराध तक सीमित था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ इसमें कथित समझौते, पैसों के लेन-देन और प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आने लगी है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता सूरज ठाकुर और पत्रकार सैफी खान को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मामले को दबाने और समझौता कराने के नाम पर आरोपित पक्ष से धनराशि वसूली।

पुलिस जांच में सामने आया 1.30 लाख रुपये का लेन-देन

धरसींवा पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण को दबाने के लिए कुल 1 लाख 30 हजार रुपये का लेन-देन किया गया था। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों की इस कथित रकम के हस्तांतरण में भूमिका रही है और उन्हें ऑनलाइन माध्यम से राशि प्राप्त हुई थी।पुलिस ने उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले पीड़िता के दादा और दो कथित बिचौलियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, पीड़िता के दादा ने भी मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपित पक्ष से रकम ली थी, जिसके बाद उनके कब्जे से करीब एक लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे।

वायरल वीडियो और ऑडियो से बदली जांच की दिशा

सिलयारी दुष्कर्म मामले की शुरुआत 18 अप्रैल 2026 को दर्ज शिकायत से हुई थी। प्रारंभिक जांच के दौरान नाबालिग बालिका द्वारा अपराध से इनकार किए जाने के कारण मामला लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया था।

हालांकि, इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और ऑडियो क्लिप वायरल हुए, जिन्होंने जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी। इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की और दुष्कर्म के आरोपितों को गिरफ्तार किया। इसके बाद कथित समझौते और पैसों के लेन-देन की परतें खुलने लगीं।पुलिस का कहना है कि उसके पास रकम लेने और बातचीत से जुड़े कई वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

बाल अधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और पीड़िता व उसके अभिभावकों को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।आयोग यह भी जांच करेगा कि पूरे मामले में पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम और अन्य कानूनी प्रावधानों का सही तरीके से पालन किया गया या नहीं।

जांच जारी, और खुल सकते हैं कई बड़े राज

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। वित्तीय लेन-देन, कथित बिचौलियों और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या कार्रवाई हो सकती है।सिलयारी दुष्कर्म प्रकरण अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि क्या संवेदनशील मामलों को समझौते और आर्थिक लेन-देन के जरिए प्रभावित करने का प्रयास किया गया। जांच के अगले चरण इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं।


संबंधित समाचार