जांजगीर-चांपा/सक्ति: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में सामने आए बहुचर्चित फर्जी SBI बैंक घोटाले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। बेरोजगार युवाओं को बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
नकली बैंक शाखा बनाकर युवाओं को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, ग्राम छपोरा में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की फर्जी शाखा संचालित की जा रही थी। आरोपी खुद को बैंक से जुड़ा अधिकारी बताकर बेरोजगार युवाओं को कैशियर समेत अन्य पदों पर नौकरी दिलाने का लालच देते थे। भरोसा जीतने के लिए युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए गए।गिरोह ने छह युवाओं से कुल 7 लाख 71 हजार 800 रुपये वसूल लिए थे। जब मामले की जानकारी SBI के क्षेत्रीय कार्यालय कोरबा तक पहुंची, तब पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
SBI की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
SBI क्षेत्रीय कार्यालय कोरबा के प्रतिनिधि जीवराखन कावड़े द्वारा मालखरौदा थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया था कि कुछ लोग बैंक के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर नकली शाखा चला रहे हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य धोखाधड़ी नहीं, बल्कि एक संगठित और सुनियोजित ठगी का नेटवर्क था।
पहले भी कई आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस जांच के दौरान इस गिरोह से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले अनिल भास्कर, नरेंद्र साहू, हीरा दिवाकर उर्फ कुणाल दिवाकर, टुकेश्वर दास महंत, सुभद्रा महंत और पंकज टंडन समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
इनपुट मिलने पर तीन और आरोपी दबोचे गए
फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस को 13 जून को अहम सूचना मिली। इसके आधार पर पुलिस ने मंथिर दास (32 वर्ष), रेखा साहू (35 वर्ष) और मिलन साहू (26 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ के दौरान तीनों ने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी बैंक शाखा, नकली नियुक्ति पत्र और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।