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CG School Uniform : 156 करोड़ की नई यूनिफॉर्म योजना पर सवाल, गुणवत्ता और साइज को लेकर अभिभावकों ने की शिकायतें

CG School Uniform : 156 करोड़ की नई यूनिफॉर्म योजना पर सवाल, गुणवत्ता और साइज को लेकर अभिभावकों ने की शिकायतें

रायपुर। CG School Uniform News:  छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ सरकारी स्कूलों में नई यूनिफॉर्म का वितरण शुरू हो चुका है। हालांकि यूनिफॉर्म मिलने के साथ ही इसकी गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें सामने आने लगी हैं। सबसे अधिक आपत्ति कपड़े की गुणवत्ता को लेकर है। कई स्कूलों में छात्राओं और अभिभावकों का कहना है कि कपड़ा इतना पतला है कि उसे पहनने में असहजता महसूस हो रही है।

रंग बदला, लेकिन गुणवत्ता पर उठे सवाल

इस वर्ष राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म के रंग और डिज़ाइन में बदलाव किया है। पहले जहां आसमानी रंग की शर्ट और नेवी ब्लू रंग की स्कर्ट या पैंट निर्धारित थी, वहीं अब हल्के नीले रंग की चेक शर्ट के साथ स्लेटी रंग की स्कर्ट और पैंट दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आधुनिक और आकर्षक लुक देना बताया गया है। इसके लिए पहले बिलासपुर और अंबिकापुर में ट्रायल भी किया गया था। लेकिन नई यूनिफॉर्म की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिलने लगी हैं।

छात्राओं को हो रही सबसे ज्यादा परेशानी

अभिभावकों का कहना है कि कपड़ा अत्यधिक पतला होने के कारण छात्राएं नई यूनिफॉर्म पहनने में संकोच महसूस कर रही हैं। वहीं लड़कों को इस समस्या का अपेक्षाकृत कम सामना करना पड़ रहा है।

साइज की समस्या भी बरकरार

हर साल की तरह इस बार भी यूनिफॉर्म के साइज को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। कई स्कूलों में बच्चों का सही माप लिए बिना पुराने पैटर्न के अनुसार कपड़े भेज दिए गए। परिणामस्वरूप कई विद्यार्थियों के लिए पैंट और स्कर्ट का आकार अनुपयुक्त साबित हो रहा है।

156 करोड़ से तैयार हुए 59 लाख यूनिफॉर्म सेट

राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए लगभग 156 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस बजट से करीब 59 लाख यूनिफॉर्म सेट तैयार किए गए हैं। पहली से आठवीं तक के प्रत्येक छात्र-छात्रा को दो-दो सेट निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है, सरगुजा, बिलासपुर और बस्तर संभाग में अधिकांश विद्यार्थियों को दो सेट दिए जा चुके हैं, जबकि रायपुर और दुर्ग संभाग के कई स्कूलों में फिलहाल एक ही सेट वितरित किया गया है। विभाग का दावा है कि 15 जुलाई तक सभी पात्र विद्यार्थियों को दोनों सेट उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

शिक्षा विभाग ने दिया रिप्लेसमेंट का भरोसा

शिक्षा विभाग ने कहा है कि जहां भी यूनिफॉर्म की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिलेगी, वहां जांच कर खराब यूनिफॉर्म को बदलने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्कूलों और अभिभावकों से शिकायत दर्ज कराने की अपील भी की है।

स्कूलों में मंत्रोच्चार आदेश पर हाईकोर्ट का फैसला

इधर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार शुरू करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। याचिकाकर्ता ने इसे संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के विरुद्ध बताते हुए आदेश रद्द करने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि फिलहाल प्रदेश के स्कूलों में इस आदेश का कहीं भी पालन शुरू नहीं हुआ है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यदि भविष्य में कहीं इस तरह की गतिविधियां शुरू होती हैं, तब प्रभावित पक्ष नई याचिका दायर कर सकता है। इसके साथ ही वर्तमान याचिका को खारिज कर दिया गया।


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