रायगढ़: जिले में कोल परिवहन को लेकर ओडिशा सीमा पर तनाव की स्थिति बन गई। बीजेएमएस यूनियन द्वारा छत्तीसगढ़ की गाड़ियों को समझौते से कम लोडिंग देने और प्रति वाहन 400 रुपये वसूली के आरोप को लेकर दोनों राज्यों के ट्रांसपोर्टरों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों ने रायगढ़ के कुछ ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के साथ मारपीट कर दी।
तमनार पुलिस ने दर्ज की FIR
घटना की सूचना मिलते ही तमनार पुलिस सक्रिय हुई और ओडिशा यूनियन से जुड़े दर्जनभर से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और घटनास्थल के आसपास स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
लोडिंग समझौते के उल्लंघन का आरोप
बताया जा रहा है कि पूर्व में दोनों पक्षों के बीच कोल लोडिंग को लेकर समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टरों को 33 प्रतिशत लोडिंग दिए जाने पर सहमति बनी थी। रायगढ़ के स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि ओडिशा पक्ष इस समझौते का पालन नहीं कर रहा है और मनमानी कर रहा है।
टपरिया बॉर्डर पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार रायगढ़ से ट्रांसपोर्ट व्यवसायी संजय अग्रवाल, सतीश चौबे, प्रभा शाही, शंकर अग्रवाल, आशीष यादव सहित अन्य ओडिशा पहुंचे थे। यहां 33 प्रतिशत लोडिंग नहीं दिए जाने और प्रति गाड़ी 400 रुपये वसूले जाने के मुद्दे पर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई, जो टपरिया बॉर्डर पर देखते ही देखते झगड़े में बदल गई।
100 से अधिक लोगों पर मारपीट का आरोप
रायगढ़ के ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि यदि ओडिशा में उनकी गाड़ियों से 400 रुपये वसूले जाएंगे, तो छत्तीसगढ़ में भी ओडिशा की गाड़ियों से शुल्क लिया जाएगा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और आरोप है कि गोपाल, धीरेन्द्र, विपिन, धनी, तेजराम समेत 100 से अधिक लोगों ने शंकर अग्रवाल के साथ हाथापाई की।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला हालात
घटना की सूचना मिलते ही तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम पुलिस बल के साथ तत्काल टपरिया रवाना हुईं। वहीं रायगढ़ से अनुप बंसल, हरमीत घई सहित अन्य ट्रांसपोर्टर भी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया और तनाव को शांत कराया।