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अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का विस्तार, छग के 200 बच्चों को मिला बड़े स्कूलों में पढ़ने का मौका, करोड़ों की सहायता जारी

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का विस्तार, छग के 200 बच्चों को मिला बड़े स्कूलों में पढ़ने का मौका, करोड़ों की सहायता जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राजधानी रायपुर में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से मुलाकात की और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। योजना के तहत इस वर्ष प्रदेश के अलग-अलग जिलों से चयनित 200 बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों का योगदान प्रदेश के विकास में बेहद महत्वपूर्ण है। उनके परिश्रम से प्रदेश में सड़क, भवन, पुल और दूसरी आधारभूत सुविधाओं का निर्माण होता है। ऐसे परिवारों के बच्चों को आर्थिक परेशानियों के कारण शिक्षा से वंचित न होना पड़े, इसके लिए सरकार उन्हें बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करा रही है।

200 प्रतिभावान बच्चों को मिला बेहतर शिक्षा का अवसर

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से इस साल प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित 200 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित स्कूलों में पढ़ने का अवसर मिला है। इन विद्यार्थियों को राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों में शिक्षा प्रदान की जा रही है। इस योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों से की गई थी। विद्यार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और योजना की उपयोगिता को देखते हुए सरकार ने इस वर्ष इसका दायरा बढ़ाकर 200 बच्चों तक कर दिया।

श्रमिकों के खातों में पहुंची 39.67 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता

सम्मान समारोह के दौरान सरकार ने श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत बड़ी आर्थिक सहायता भी जारी की। 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से 774 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि सीधे श्रमिकों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से वर्तमान में श्रमिकों के लिए 67 अलग-अलग कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

CM साय ने बच्चों को दिया सफलता का मंत्र

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से बातचीत की और उन्हें अपने लक्ष्य को लेकर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों, शिक्षा, मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कोई बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहता है, तो कोई कारोबार या समाजसेवा के क्षेत्र में अपना भविष्य देख सकता है। लक्ष्य अलग हो सकता है, लेकिन उसकी मजबूत नींव अच्छी शिक्षा से ही तैयार होती है।

दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों के बच्चों पर भी फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के कारण प्रदेश के कुछ इलाकों में लंबे समय तक शिक्षा और विकास की सुविधाएं सीमित रही हैं। अब सरकार इन क्षेत्रों में भी बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर तैयार कर रही है। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी जैसी पहल के जरिए दूरदराज के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य बस्तर समेत प्रदेश के सभी पिछड़े और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर देना है।

बच्चों के साथ बैठकर CM साय ने किया भोजन

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रमिक परिवारों से आए विद्यार्थियों के साथ बैठकर भोजन भी किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में बातचीत की। विद्यार्थियों ने भी मुख्यमंत्री से उनके बचपन, पढ़ाई और जीवन से जुड़े कई सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अनुशासन, मेहनत और लगातार सीखते रहने की सलाह दी। बीजापुर के विद्यार्थी अतीश ने भविष्य में आईएएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने की इच्छा जताई। वहीं कबीरधाम की छात्रा इशिका डाहरे ने बताया कि नए स्कूल के वातावरण से अंग्रेजी में बातचीत करने का उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

क्या है अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना?

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का मानना है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली बच्चे के सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसी उद्देश्य से श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर स्कूल, शैक्षणिक सुविधाएं और आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
 


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