रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) लागू करने की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में गठित उच्च स्तरीय समिति ने प्रदेशवासियों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से सुझाव और अभिमत आमंत्रित किए हैं। सरकार का उद्देश्य ऐसा प्रारूप तैयार करना है, जो संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप होने के साथ-साथ राज्य की सामाजिक आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखे।
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश कर रही हैं समिति की अगुवाई
राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह और एम.के. राऊत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार तथा सेवानिवृत्त प्राचार्य ज्योति रानी सिंह को सदस्य बनाया गया है। समिति विभिन्न कानूनी और सामाजिक पहलुओं का अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
इन विषयों पर तैयार होगा मसौदा
समिति विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे नागरिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों की समीक्षा कर रही है। साथ ही अन्य राज्यों में लागू समान नागरिक संहिता के मॉडल का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ के लिए उपयुक्त प्रारूप तैयार किया जाएगा। समिति को प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक अनुशंसाएं भी तैयार की जाएंगी।
आम नागरिक भी दे सकते हैं अपनी राय
सरकार ने नागरिकों, धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और अन्य संबंधित पक्षों से 15 अक्टूबर 2026 तक सुझाव भेजने की अपील की है। प्राप्त सभी सुझावों का परीक्षण करने के बाद अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा।
सुझाव भेजने के माध्यम
ई-मेल: ucc-chhattisgarh@cg.gov.in
वेब पोर्टल: https://ucc.cgstate.gov.in/
डाक पता: कार्यालय समान नागरिक संहिता समिति, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, कमरा नंबर-202, रायपुर, छत्तीसगढ़ – 492001
UCC लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
सरकार का मानना है कि व्यापक जनभागीदारी से तैयार होने वाला मसौदा अधिक प्रभावी और व्यावहारिक होगा। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधायी प्रक्रिया तय की जाएगी। छत्तीसगढ़ में UCC को लेकर यह पहल राज्य के कानूनी ढांचे में बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।