Narsinghpur Police: नरसिंहपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक भावुक मामला सामने आया है। करीब 3 साल की मासूम सुभांसी का शव दफनाने के कई दिनों बाद प्रशासन ने कब्र से बाहर निकलवाया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बच्ची की मौत के असली कारणों का पता लगाना है, जिसे लेकर पिता ने एक डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
इलाज में लापरवाही का आरोप
मासूम सुभांसी के पिता नीलेश मिश्रा ने एक स्थानीय शिशु रोग विशेषज्ञ पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। नीलेश का दावा है कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण ही उनकी मासूम बेटी की जान गई। शुरुआती तौर पर बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था, जिसके चलते पुलिस के पास डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई पुख्ता मेडिकल सबूत नहीं थे।
प्रशासन की मौजूदगी में हुई खुदाई
सच्चाई सामने लाने के लिए पिता की मांग पर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया। तहसीलदार और कोतवाली पुलिस की भारी सुरक्षा और निगरानी के बीच मासूम का शव कब्र से निकलवाया गया। शव को पंचनामा बनाकर तत्काल जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि शरीर में किस तरह की दवाएं थीं या मौत की असली वजह क्या रही।
जांच और सुगबुगाहट
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट ही इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी। यदि रिपोर्ट में मौत सामान्य पाई गई, तो मामला बंद किया जाएगा। यदि इलाज में कमी या गलत दवा की पुष्टि होती है, तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या या लापरवाही का मामला दर्ज हो सकता है। फिलहाल इस घटना को लेकर पूरे नरसिंहपुर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। मासूम के परिजनों का कहना है कि वे केवल इंसाफ चाहते हैं ताकि किसी और की गोद सूनी न हो।