Narsinghgarh Forest Fire: कल दोपहर से शुरू हुई जंगल की आग आज और भी भयावह रूप ले चुकी है। नरसिंहगढ़ के आसपास की पहाड़ियों पर आग धधक रही है, जो लगातार अपना दायरा बढ़ाते हुए पूरे वन क्षेत्र को अपनी चपेट में लेती जा रही है।कई पेड़ जलकर खाक हो चुके हैं, वहीं वन्य जीवों के अस्तित्व पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है।
आग इतनी भीषण है कि जिन ऊंची पहाड़ियों पर यह फैल चुकी है, वहां तक फायर ब्रिगेड का पहुंचना भी संभव नहीं हो पा रहा है। लगातार बढ़ती आग के कारण आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल साफ देखा जा सकता है। पूरे नगर में धुएं का घना गुबार छाया हुआ है। वन विभाग के अनुसार आग अलग-अलग स्थानों पर लगी हुई है, जिससे उस पर काबू पाना और भी मुश्किल हो गया है। विभागीय अमला लगातार आग बुझाने के प्रयास में जुटा है, लेकिन संसाधनों और जरूरी उपकरणों की कमी इस कार्य में बड़ी बाधा बन रही है।
सबसे खास बात यह है कि इस मुश्किल घड़ी में स्थानीय नागरिक भी आगे आकर वन अमले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, आग की विकरालता के आगे ये प्रयास अभी तक नाकाफी साबित हो रहे हैं और स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।जंगलों में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए वन अमले के साथ स्थानीय नागरिक भी लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आग की तेज़ी के आगे सभी कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। आग इतनी विकराल हो चुकी है कि कई घंटों की मशक्कत के बावजूद इसे पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सका है।
पूरे नगर में धुएं का घना गुबार छा गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वहीं वातावरण भी प्रदूषित हो गया है। स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ता जा रहा है। इस बीच वन विभाग की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आग बुझाने के लिए पर्याप्त और आधुनिक संसाधनों का अभाव साफ नजर आ रहा है। उपकरणों की कमी के कारण राहत एवं बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे आग पर काबू पाने में देरी हो रही है। यदि जल्द ही प्रभावी और बड़े स्तर पर कदम नहीं उठाए गए, तो यह आग और भी बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में लेकर भारी नुकसान पहुंचा सकती है।