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Dabra News: डबरा कोर्ट का फैसला, दुष्कर्म और हत्या के दरिंदे को सुनाई फांसी की सजा

Dabra News: डबरा कोर्ट का फैसला, दुष्कर्म और हत्या के दरिंदे को सुनाई फांसी की सजा

राजेश सोनी, डबरा: मासूमों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ा प्रहार करते हुए डबरा सिविल न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने 7 वर्षीय अबोध बालिका के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को मृत्युदंड (फांसी) की सजा से दंडित किया है। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) विक्रम भार्गव की अदालत ने इस जघन्य कृत्य के लिए आरोपी को दोषी करार देते हुए यह कड़ा आदेश जारी किया।

क्या था पूरा मामला?

यह रूह कंपा देने वाली घटना 6 फरवरी 2023 की है। ग्वालियर के भितरवार कस्बे के करहिया थाना क्षेत्र में रहने वाली 7 साल की मासूम बच्ची गांव में बारात देखने गई थी। जब वह देर रात तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि मासूम को गांव के ही शेरू जाटव (27 वर्ष) के साथ देखा गया था। पुलिस ने जब संदेही शेरू को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ। आरोपी मासूम को बहला-फुसलाकर खेत में ले गया, जहाँ उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। अपनी पहचान उजागर होने के डर से आरोपी ने मासूम का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया और शव को छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ही पीड़िता का शव बरामद किया था।

न्यायालय ने लगाया 7000 का अर्थदंड

करहिया थाना पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म और हत्या की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर चालान पेश किया था। लगभग 3 साल तक चली कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने माना कि यह मामला 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में आता है। आरोपी शेरू जाटव को फांसी की सजा सुनाई गई। फांसी के साथ-साथ न्यायालय ने दोषी पर 7,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

परिजनों को मिला न्याय

फैसले के बाद मासूम के परिजनों ने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस ऐतिहासिक फैसले ने समाज में एक कड़ा संदेश दिया है कि मानवता को शर्मसार करने वाले अपराधियों के लिए कानून में कोई जगह नहीं है। पूरे डबरा और भितरवार क्षेत्र में इस फैसले की चर्चा हो रही है और लोग इसे न्याय की जीत बता रहे हैं।


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