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राशन व्यवस्था फिर सवालों में: अप्रैल में लाखों APL कार्डधारकों को नहीं मिली शक्कर-नमक, अब मई में बांटा जा रहा राशन

राशन व्यवस्था फिर सवालों में: अप्रैल में लाखों APL कार्डधारकों को नहीं मिली शक्कर-नमक, अब मई में बांटा जा रहा राशन

प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली एक बार फिर अव्यवस्था को लेकर चर्चा में है। अप्रैल महीने में दो से तीन लाख के करीब एपीएल कार्डधारकों को चावल के साथ मिलने वाली शक्कर और नमक नहीं मिल पाया। वजह यह रही कि प्रदेश की सैकड़ों उचित मूल्य दुकानों तक समय पर खाद्यान्न और जरूरी सामग्री पहुंच ही नहीं सकी। अब विभाग ने मई महीने में छूटे हितग्राहियों को पिछला राशन देने की प्रक्रिया शुरू की है।

365 राशन दुकानों में नहीं हो पाया भंडारण

जानकारी के अनुसार प्रदेशभर की करीब 365 उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न और आवश्यक सामग्री का भंडारण नहीं हो सका। इसके चलते लाखों कार्डधारक अप्रैल महीने में अपने हिस्से का राशन लेने से वंचित रह गए।

अब खाद्य विभाग ने ई-पॉस मशीन के सॉफ्टवेयर में पिछले महीने का विकल्प फिर से शुरू किया है, ताकि जिन हितग्राहियों को अप्रैल में राशन नहीं मिला था, उन्हें मई में वितरण किया जा सके।

रायपुर जिले की 80 दुकानों में नहीं पहुंचा राशन

राजधानी रायपुर जिले में स्थिति ज्यादा खराब रही। यहां 80 उचित मूल्य दुकानों में एपीएल चावल, शक्कर और नमक की सप्लाई ही नहीं पहुंच सकी। इसके कारण हजारों हितग्राही राशन से वंचित रह गए।

जिले में रायपुर शहर की 28 दुकानें, धरसींवा की 25, गोबरा-नेवरा की 6, आरंग की 4 और तिल्दा व अभनपुर की 1-1 दुकान ऐसी रही जहां समय पर भंडारण नहीं हो पाया।

अब विभाग इन दुकानों में मई महीने के दौरान अप्रैल का बचा हुआ राशन बांट रहा है।

अप्रैल खत्म, लेकिन शक्कर नहीं पहुंची

सबसे ज्यादा परेशानी शक्कर की सप्लाई को लेकर सामने आई। पूरा अप्रैल महीना बीत गया, लेकिन कई दुकानों तक शक्कर पहुंच ही नहीं पाई।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, सहकारी कारखानों से समय पर शक्कर की सप्लाई नहीं मिलने के कारण यह स्थिति बनी। हाल ही में नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में शक्कर पहुंचनी शुरू हुई है, जिसके बाद अब दुकानों तक इसकी सप्लाई की जा रही है।

लाखों हितग्राहियों को अब भी इंतजार

प्रदेश में “चावल उत्सव” के तहत एपीएल कार्डधारकों को छोड़कर अन्य वर्गों के हितग्राहियों को तीन महीने का चावल एक साथ वितरित किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में लगभग 90 प्रतिशत हितग्राहियों को चावल मिल चुका है, जबकि बाकी लोगों को अब मई में वितरण किया जा रहा है।

हालांकि बड़ी संख्या में ऐसे हितग्राही भी हैं जिन्हें अब तक शक्कर नहीं मिल पाई है। इससे राशन व्यवस्था की तैयारियों और वितरण प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

खाद्य विभाग ने क्या कहा

रायपुर के खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा का कहना है कि अप्रैल महीने में जो हितग्राही राशन लेने से छूट गए थे, उन्हें अब मई में वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित हितग्राही उचित मूल्य दुकानों में जाकर अपना खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं।

व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

हर महीने समय पर राशन वितरण के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्थिति कुछ और ही नजर आ रही है। अप्रैल खत्म होने के बाद शक्कर की सप्लाई शुरू होना और सैकड़ों दुकानों में राशन का भंडारण नहीं हो पाना विभागीय तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहा है।

हितग्राहियों का कहना है कि जब राशन योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सबसे जरूरी व्यवस्था मानी जाती है, तब ऐसी लापरवाही लोगों की परेशानी बढ़ाने वाली है।

 


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