छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत एक बार फिर सामूहिक विवाह समारोहों का भव्य आयोजन देखने को मिला। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में एक साथ 1385 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। पारंपरिक रीति-रिवाजों, सांस्कृतिक रंगों और सामाजिक सहभागिता के बीच यह आयोजन प्रदेशभर में आकर्षण का केंद्र बना रहा।
जरूरतमंद परिवारों को मिल रही बड़ी राहत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहारा बन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटी के विवाह को लेकर परेशान न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं पर काम कर रही है, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता और सम्मान दोनों पहुंच सके।
विवाह स्थलों पर दिखी भव्य तैयारी
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की थीं। विवाह स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मेहमानों के लिए भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था भी की गई थी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह योजना अब केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि नवदंपतियों को सम्मानपूर्वक नए जीवन की शुरुआत देने का माध्यम बन चुकी है।
सामाजिक समरसता की दिखी मिसाल
इस आयोजन की सबसे खास बात सामाजिक और सांस्कृतिक एकता रही। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध समेत विभिन्न समुदायों और विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए।
एक ही मंच पर अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं का संगम देखने को मिला, जिसने छत्तीसगढ़ की सामाजिक समरसता और भाईचारे की तस्वीर को और मजबूत किया।
लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही योजना
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-27 में 3200 विवाह कराने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे पहले 347 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका था, जबकि 8 मई को आयोजित कार्यक्रम में 1385 नए जोड़े विवाह बंधन में बंधे।
इस तरह अब तक कुल 1732 जोड़े मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं।
नवदंपतियों को मिल रही आर्थिक सहायता
योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके साथ ही विवाह से जुड़ी आवश्यक सामग्री और अन्य सुविधाएं भी शासन की ओर से उपलब्ध कराई जाती हैं।
सरकार का दावा है कि इस योजना के जरिए नवदंपतियों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक शुरुआत देने का प्रयास किया जा रहा है।
पहले भी बना था रिकॉर्ड
गौरतलब है कि इससे पहले 10 फरवरी 2026 को आयोजित विशाल सामूहिक विवाह समारोह में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे। इस बड़े आयोजन के चलते छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ था।
सामाजिक बदलाव की पहचान बन रही योजना
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अब केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग, महिला सम्मान और जनभागीदारी की मिसाल बनती जा रही है। प्रदेशभर में हुए इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सही योजनाएं और मजबूत व्यवस्थाएं समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।