Jhabua Fair Accident : झाबुआ जिला मुख्यालय पर आयोजित महाराज नो मेले में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगे ड्रैगन झूले के अचानक गिर जाने से उस पर सवार 14 स्कूली बच्चे घायल हो गए। हादसे के वक्त झूले में बैठे बच्चों में 13 बालिकाएं और 1 बालक शामिल थे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
बिगड़ा संतुलन, गिरा झूला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूला झूलते समय अचानक संतुलन बिगड़ गया और संरचना गिर पड़ी, जिससे बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो बालिकाओं को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य बच्चों को मामूली चोटें लगी हैं। सभी घायलों को तत्काल झाबुआ जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे की होगी जांच
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा पंचनामा तैयार कर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर अधिकारियों ने मेले के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही व चूक की बात स्वीकार की है, हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही किए जाने की बात कही जा रही है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद मेला आयोजन समिति और सुरक्षा निगरानी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है और मेले का संचालन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल प्रशासन की ओर से झूले की तकनीकी जांच और मेले की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
क्या बोली कलेक्टर?
कलेक्टर नेहा मीना का कहना है कि मैं सभी बच्चों से मिलकर आई हूं, सभी बच्चे सकुशल है। सभी बच्चों को सामान्य चोट आई है। दो बालिकाओं को थोड़ी ज्यादा चोट आई है। सभी बच्चों को बेहतर इलाज दिया जाएगा। हमने एक जांच टीम भेजी है। मामले में जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ हम कार्रवाई करेंगें। हमारी पहली प्राथमिकता है की उत्कृष्ठ स्कूल के सभी बच्चे जल्द स्वास्थ हो, क्योंकि उनके 10वीं बोर्ड के एग्जाम है। मैं रात में भी बच्चों से मुलाकात करने आउंगाी।
जनहानि हो जाती तो क्या होता?
जयश पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय भूरिया ने कहा है कि कोई ध्यान नहीं देता है। मेले में झूले लगे है तो वहां सुरक्षा के तौर पर लोगों को वहां रखना चाहिए, आज कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन हो जाती तो क्या होता? स्कूल के शिक्षक कमरों में बैठे है, प्रशासन क्या देख रहा है? बच्चे खुलेआम जा रहे है। प्रिंसिपल और पूरे स्टॉफ को बर्खास्त किया जाए। रही बात झूला टूटने की जांच की तो, तो पहले क्यों जांच नहीं की गई।