दिल्ली में हुए हालिया धमाका मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। आत्मघाती हमलावर को कार उपलब्ध कराने और हमले की साजिश रचने के आरोपी आमिर को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसकी रिमांड बढ़ाते हुए उसे 10 दिनों के लिए NIA की हिरासत में भेज दिया। आमिर को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया और अब NIA उसके डिजिटल डिवाइस, आपराधिक नेटवर्क और फंडिंग चैनलों की जांच करेगी।
आमिर ने आत्मघाती हमलावर को दी थी विस्फोटक कार
जांच के अनुसार, आमिर ने डॉ. उमर नबी, जो इस हमले का आत्मघाती हमलावर था, को धमाके में इस्तेमाल की गई कार उपलब्ध कराई थी। कार आमिर के नाम से पंजीकृत थी।
उसी ने कार को व्हीकल-बॉर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (VBIED) में बदलने की तैयारी की साजिश की। प्लानिंग और तैयारी दोनों में आमिर और उमर शामिल थे। कई राज्यों से जुड़े लीड्स मिलने के बाद NIA अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
आमिर की गिरफ्तारी कैसे हुई?
हमले के अगले ही दिन, 11 नवंबर को, NIA ने आमिर राशिद अली को दिल्ली से हिरासत में लिया था। कई दिनों की पूछताछ के दौरान उसकी भूमिका पुख्ता हुई, जिसके बाद 16 नवंबर को उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच एजेंसी बड़े नेटवर्क को खंगालने में जुटी
NIA अब धमाके के पीछे के बड़े नेटवर्क, प्लान, लॉजिस्टिक्स, फंडिंग को ट्रेस करने पर फोकस कर रही है। अब तक एजेंसी 73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें धमाके में घायल लोग भी शामिल हैं।
कई राज्यों में फैल रही जांच
इस केस में कड़ियां लगातार अलग-अलग राज्यों से जुड़ रही हैं। NIA दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर जांच आगे बढ़ा रही है। जांच का दायरा अब और बढ़ सकता है क्योंकि कई नए सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।