निवाडी से हेमंत: बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र में जहां कभी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लोगों को दिल्ली, ग्वालियर या मुंबई की ओर दौड़ना पड़ता था, वहां पिछले 4 वर्षों में एक बड़ा बदलाव आया है। यथार्थ ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने अपने चार साल के सफर में न केवल जनता का विश्वास जीता है, बल्कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती 5 जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है।
5 जिलों के मरीजों के लिए पहली पसंद
टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, बांदा, ललितपुर और झांसी जिलों के मरीजों के लिए यथार्थ अस्पताल एक विश्वसनीय नाम बन चुका है। अब गंभीर स्थिति में भी मरीज बड़े शहरों का रुख करने से पहले एक बार यथार्थ अस्पताल में विशेषज्ञों की राय जरूर लेते हैं। सटीक इलाज और आधुनिक मशीनों की उपलब्धता ने गंभीर मरीजों के लिए 'गोल्डन ऑवर' में इलाज मिलना संभव बनाया है।
आयुष्मान कार्ड से मिल रहा मुफ्त इलाज
महंगे इलाज के अभाव में दम तोड़ने वाले गरीब और असहाय लोगों के लिए यह अस्पताल किसी वरदान से कम नहीं है। आयुष्मान भारत योजना के तहत हजारों लोग यहां जटिल सर्जरी और गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज पा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उनकी प्राथमिकता समाज के हर तबके तक सस्ती और विश्वस्तरीय चिकित्सा पहुंचाना है।
बुंदेलखंड में बनेगा बड़ा 'रिसर्च सेंटर'
अस्पताल के मालिक डॉ कपिल त्यागी ने संस्थान के विस्तार को लेकर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा, हमारी प्राथमिकता सटीक और सस्ता इलाज है। जल्द ही हम इस अस्पताल का विस्तार एक बड़े रिसर्च सेंटर के रूप में करेंगे, जिससे बुंदेलखंड की जनता को गंभीर रोगों के इलाज के लिए कहीं भटकना न पड़े।
दिल्ली-मुंबई जैसी सुविधा अब आपके द्वार
अस्पताल के यूनिट हेड नितिन चौधरी ने बताया कि उनकी टीम का मुख्य उद्देश्य लोगों को रोगमुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि जो गरीब तबका आर्थिक तंगी के कारण दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों के बड़े अस्पतालों में नहीं जा सकता, उन्हें उसी स्तर की चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं इसी क्षेत्र में उपलब्ध कराना ही हमारा संकल्प है।