मुकेश प्रजापति, भैरुंदा : भैरूंदा तहसील के ग्राम सोठिया में बीते बुधवार उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक जंगली सियार ने गांव में घुसकर लगातार लोगों पर हमला कर दिया। दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुए इस हमले में नौ ग्रामीण घायल हो गए। घायलों में दो छोटे बच्चे, महिलाएं और एक बुजुर्ग भी शामिल हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गांव में घुसा सियार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सियार अचानक गांव की गलियों में दिखाई दिया और बिना किसी उकसावे के लोगों पर झपट्टा मारने लगा। ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते, तब तक वह अलग-अलग जगहों पर कई लोगों को घायल कर चुका था। चीख-पुकार सुनकर लोग घरों से बाहर निकले, लेकिन तब तक सियार गांव में दहशत फैला चुका था।
घर से निकलते ही बुजुर्ग पर हमला
हमले में घायल बुजुर्ग धन्नालाल ने बताया कि वे जैसे ही अपने घर से बाहर निकले, सियार ने उन पर अचानक हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि सियार ने उन्हें जकड़ लिया और बचने का मौका तक नहीं मिला। शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़े, तब जाकर सियार उन्हें छोड़कर भागा। इसी दौरान गांव के अन्य हिस्सों में भी उसने महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाया। हमलों में कई लोगों के हाथ, पैर, चेहरे और गाल पर गहरे जख्म आए हैं। घायलों में गीता पंवार, सुगना पंवार, रक्षा पंवार, अनीता, सावनी, विजय, आर्यमन सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
घायलों का अस्पताल में इलाज
घटना के बाद घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल भैरूंदा पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
ग्रामीणों ने सियार को मारा
लगातार हमलों से आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर सियार की तलाश शुरू की। काफी प्रयासों के बाद सियार को गांव के बाहर घेर लिया गया और उसे मार गिराया गया। इसके बाद गांव में कुछ हद तक राहत जरूर मिली, लेकिन डर का माहौल अब भी बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में जंगली जानवरों की गतिविधियां बढ़ी हैं, लेकिन इस तरह के लगातार और आक्रामक हमले पहले कभी नहीं हुए।
वन विभाग और प्रशासन की अपील
वन विभाग के अधिकारी प्रकाशचंद ऊइके ने बताया कि सूचना मिलते ही विभागीय टीम को मौके पर भेजा गया। सियार के शव को कब्जे में लेकर नियमानुसार अंतिम संस्कार किया गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और किसी भी जंगली जानवर की मौजूदगी की सूचना तुरंत वन विभाग या प्रशासन को दें। सोठिया गांव की यह घटना क्षेत्र में जंगली जानवरों से बढ़ते खतरे की एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।