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Vikram Mastal: हनुमान जयंती पर मंदिर के बजाय पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे विक्रम मस्ताल

Vikram Mastal: हनुमान जयंती पर मंदिर के बजाय पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे विक्रम मस्ताल

मुकेश प्रजापति, भैरूंदा: राजनीति में जहां अक्सर शक्ति प्रदर्शन की होड़ मची रहती है, वहीं भैरूंदा क्षेत्र के सिंगपुर गांव से सेवा और संवेदना की एक अनूठी तस्वीर सामने आई है। हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर कांग्रेस नेता विक्रम शर्मा मस्ताल ने किसी भव्य आयोजन के बजाय एक ऐसे निर्धन परिवार के बीच पहुंचकर खुशियां बांटीं, जिसने हाल ही में अस्पताल की लापरवाही के कारण अपनी लाडली को खो दिया था।

नर्मदा परिक्रमा के बाद पहली प्राथमिकता: सेवा

नर्मदा परिक्रमा पूर्ण करने के उपरांत विक्रम मस्ताल सीधे सिंगपुर गांव पहुंचे। यहाँ उन्होंने उस प्रभावित परिवार से मुलाकात की, जिसकी सदस्य शिवानी की नसबंदी के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही से असमय मृत्यु हो गई थी। शिवानी अपने पीछे तीन छोटे मासूम बच्चों को छोड़ गई हैं।

बच्चों को दिया सहारा

विक्रम मस्ताल ने हनुमान जयंती के अवसर पर पीड़ित परिवार के साथ समय बिताया और बच्चों को खिलौने, नए कपड़े व अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की। उन्होंने अपनी ओर से यथाशक्ति आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई ताकि बच्चों के लालन-पालन में तात्कालिक सहारा मिल सके। उन्होंने कहा, "इन मासूमों की जिम्मेदारी अब केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन दोनों की है।"

प्रशासन को चेतावनी

पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति देख विक्रम शर्मा ने शासन-प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से चर्चा के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि "यह अत्यंत खेदजनक है कि घटना के इतना समय बीत जाने के बाद भी शासन द्वारा घोषित मुआवजा राशि परिवार को नहीं मिली है। यदि आगामी 15 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को सहायता राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो प्रशासन को उग्र जनविरोध का सामना करना पड़ेगा।"

न्याय की लड़ाई का संकल्प

विक्रम मस्ताल ने दोहराया कि यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं है, बल्कि यह न्याय की परीक्षा है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा की है कि वे अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द से जल्द मुआवजा जारी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस गरीब परिवार को न्याय दिलाने के लिए अंतिम समय तक मजबूती से खड़े रहेंगे।


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